बस्ती। पशुपालन विभाग के साथ अब गोशाला में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए गोशाला के आसपास स्थित चारागाह की जमीन पर हरा चारा उगाने की योजना मनरेगा अब (वीबी जी राम जी) से भी तैयार की गई है। तैयार हरा चारा गोशाला में निशुल्क दिए जाएंगे। इसकी योजना बन गई है।
जिला प्रशासन स्तर पर मंथन के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने चार ब्लॉकों में 10 ग्राम पंचायतों के बंजर भूमि को संरक्षित करके वहां हरे चारे की पैदावार करने की कार्ययोजना बनी है। इससे पहले पशुपालन विभाग की ओर से बताए गए प्रस्ताव के बाद हरे चारे के लिए योजना बनाई गई थी। अब मनरेगा से यह कार्य होगा।
जिले में 65 गोशालाओं में 4403 मवेशियों को संरक्षण दिया जा रहा है। बताया गया कि 10 ग्राम पंचायतों में स्थित गोशालाओं के लिए चरागाह की पर्याप्त जमीन है। जिसमें जगहों पर गोशाला संचालकों की ओर से चरागाह की जमीन पर हरा चारा उगाकर मवेशियों का पोषण जुटाया जा रहा है।
यह कार्य मनरेगा से हो रहा है। ज्यादातर गोशालाओं में मवेशी हरे चारे से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में मवेशियों को सूखा चारा व दाने पर रखा जा रहा है। जिसे देखते हुए विकासखंड स्तर से प्रत्येक गोशाला संचालक से चरागाह व हरे चारे को लेकर जानकारी मांगी गई थी।
जिसमें गौर ब्लॉक से एक, परशुरामपुर ब्लॉक से पांच, कुदरहा से एक, रुधौली से एक, सल्टौआ से दो स्थल चयनित करके वहां हरा चारा के लिए कार्रवाई शुरू है। बताया गया कि सात जगहों पर कार्य शुरू भी करा दिया गया है।
एक स्थल पर हरा चारा की योजना पर 90 हजार से एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
20 हेक्टेयर में किसान तैयार करेंगे नेपियर घास : पशुपालन विभाग की पहल पर 10 गांव में दो-दो हेक्टेयर यानी की 20 हेक्टेयर में नेपियर घास उगाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था, जिस पर आए आवेदनों पर मंथन जारी है। एक किसान को चारा के लिए चार हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद उगे घास को वह गोशाला में निशुल्क देंगे।