बनकटी। विकास खंड के एक दो समितियों को छोड़कर अन्य सभी साधन सहकारी समिति एवं निजी क्षेत्र की दुकानों पर यूरिया खाद की किल्लत बढ़ गयी है। किसान रोजाना समिति और दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके यूरिया की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विकास क्षेत्र के साधन सहकारी समिति सजनाखोर बढ़ौनी, बाघापार चेनुआ साधन सहकारी समिति पर ही कुछ मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा महथा सजहरा, खोरिया बसौढ़ी, अमाना बाद टिकरिया, चित्राखोर गंगौरी, सोभन पार, मनिकौरा, जय नगरा एकमा, पकड़ी चंदा आदि साधन सहकारी समितियों पर यूरिया महीनों से नहीं है। महादेवा, बनकटी, देईसाड़, बानपुर आदि क्षेत्र में निजी दुकानों पर भी यूरिया नहीं है। इससे किसानों को निराश लौटना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि यूरिया, सुपर पोटास आदि मिश्रित करके रबी फसल की बुआई की जाती है। यूरिया न उपलब्ध होने खेती किसानी चौपट हो रही है। बुआई के समय यदि खाद नहीं मिलेगा तो फसल की प्रगति नहीं हो पाएगी। क्षेत्र के किसान हनुमान धारियां, उमापति उपाध्याय, बबलू दुबे, बाबूराम चौधरी आदि ने बताया कि यूरिया की किल्लत से तिलहन की सिंचाई करने के बाद फसल की प्रगति प्रभावित हो रही है।
नाम न छापने की शर्त पर सहकारी समिति के एक सचिव ने बताया कि दो महीने से यूरिया की आपूर्ति समितियों पर नहीं की गई है। जिससे किसानों से वाद-विवाद भी हो रहा है। जबकि मूल्य जमा करने के साथ ही डिमांड भी भेज दी गई है।