यूपीएमएसआरए ने किया प्रदर्शन, निजीकरण बंद करने की मांग उठाई
बस्ती। सीटू से संबद्ध उप्र मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव्स एसोसिएशन ने शनिवार केे राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर निजीकरण को बंद करने और कृषि कानून वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित 15 मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
यूपीएमएसआरए के जिलाध्यक्ष राकेश उपाध्याय ने कहा कि प्रांतीय कमेटी ने चारो श्रम कानूनों को समाप्त किए जाने सहित तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने, निजीकरण बंद करने, प्रस्तावित बिजली कानून 2020 वापस लेने सहित 15 मांगों को उठाया है। संगठन नियमित तौर पर प्रत्येक माह सरकार को याद दिलाए जाने का कार्य कर रहा है।
सीटू नेता कामरेड केके तिवारी व यूपीएमएसआरए के वरिष्ठ नेता कामरेड मोहम्मद फ़ुजैल ने कहा लोकतंत्र में सरकारों को मजदूरों और किसानों की मांगों पर विचार कर हल करना ही होगा। संगठन के सचिव रंजीत श्रीवास्तव ने कहा कि 15 मांगों में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन की मांगों सहित पांच मांगे एफएमआरआई की है।
उसमें ईएसपीई एक्ट 1976 के दायरे में सभी ग्रेड को लाए जाने सहित ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक, दवाइयों पर से जीएसटी हटाए जाने की मांग शामिल है। प्रदर्शन के दौरान सुशील श्रीवास्तव, राजन यादव, सोनू कुमार, मोहित गुप्ता, गंगेश्वर पांडेय, आदित्य पांडेय आदि शामिल रहे।