बस्ती। शहर से लेकर कस्बों में मकड़जाल की तरह फैले अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच रिपोर्ट भरोसे लायक नहीं हैं। आंख मूंदकर रिपोर्ट लेकर घूमने वाले मरीज सतर्क नहीं हुए तो घटनाएं होती रहेंगी। कुछ ऐसा ही मामला इन दिनों सुर्खियों में है। कुदरहा में गलत अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट के चलते एक नवजात की जान गर्भ में ही चली गई। परिजन डॉक्टर पर गलत रिपोर्ट देने की शिकायत किए हैं।
शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बैठे डॉक्टर की गलत रिपोर्ट के चलते ही नवजात की मौत हुई है। कलवारी थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी ओम प्रकाश यादव ने दिए शिकायती पत्र में बताया है कि पत्नी मीरा यादव गर्भवती थीं। पीएचसी कुदरहा में ही एक एएनएम से जांच करवा रहे थे। नौ माह तीन दिन होने पर गर्भवती पत्नी को लेकर 16 अप्रैल को पीएचसी कुदरहा पहुंचे। यहां एएनएम ने इंजेक्शन लगाकर दो खुराक दवा देकर घर भेज दिया।
दर्द कम नहीं हुआ और बच्चे का मूवमेंट न होने पर फिर 19 अप्रैल को गर्भवती पीएचसी पहुंची। एएनएम ने स्थानीय एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच के लिए भेजा। सेंटर से बताया गया कि हॉयर सेंटर जाइये। एएनएम ने उसे मुख्यालय कैली रोड स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भेजा, मगर वह बंद था। दूसरे सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें रिपोर्ट में बताया गया कि 10 दिन पहले ही बच्चे की धड़कन थम चुकी है।
इससे परिजन घबरा गए और एएनएम को पूरी बात बताई। एएनएम की सलाह पर मेडिकल कॉलेज कैली ले गए, मगर यहां नॉर्मल प्रसव न होने की उम्मीद में बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इससे घबराए परिजन जिला अस्पताल स्थित एक नर्सिंग होम में पहुंचे और ऑपरेशन से प्रसव कराया। मामले में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
आरोप है कि अल्ट्रासाउंड सेंटर पर नौ महीने के अंदर गर्भावस्था के दौरान पांच से छह अल्ट्रासाउंड कराए। हर बार डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सामान्य रिपोर्ट दी। मौखिक रूप से भी यह बताया गया कि गर्भावस्था में शिशु बिल्कुल सामान्य है। किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। मगर जब बच्चे का मूवमेंट बंद हुआ तो परिजन परेशान हुए। दूसरे जगह अल्ट्रासाउंड कराने पर पोल खुला।
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सेंटर के बाहर बोर्ड तक नहीं, मरीज खा रहे धोखा
शहर के रोडवेज के पास एक बड़े कॉम्प्लेक्स में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी लापरवाही दिख रही है। यहां बाहर बोर्ड तक नहीं लगाया गया है कि अंदर कौन रेडियोलॉजिस्ट पंजीकृत है। किस डॉक्टर के नाम से सेंटर संचालित है। जबकि विभागीय सूत्रों के अनुसार बताया गया कि यहां रेडियोलॉजिस्ट बाहर से आते हैं। पंजीकरण दूसरे डॉक्टर के नाम पर है। ऐसे में मरीज चकमा खा जा रहे हैं।
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बिना हस्ताक्षर वाली दे रहे रिपोर्ट
कैली रोड स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर लगातार बिना हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट सेंटर से जारी किया जाता रहा और विभाग अंजान बना रहा है। नोटिस के बाद जो जवाब मिला वह भी गोलमाल रहा। इसको लेकर पीड़ित ने फिर से सवाल किया है। सिर्फ डॉक्टर ने एक चूक मानी है, जबकि सेंटर से जारी रिपोर्ट में हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे थे और तीन डॉक्टर का नाम उसमें दर्शाया गया था।
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पूर्व में पकड़े जा चुके हैं कई मामले, कार्रवाई पड़ी ठंडी
भानपुर क्षेत्र में दो सेंटर पर बिना वैध डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर चलते हुए पूर्व में पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले जिला अस्पताल के सामने ही मुन्ना भाई अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा जा चुका था। महिला अस्पताल के सामने संचालित एक सेंटर पर खुलासा हो चुका है। कुसौरा और कुदरहा में भी जांच के दौरान मामला सामने आाय, मगर विभागीय नियंत्रण कमजोर होने का फायदा मरीज माफिया उठा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुदरहा बाजार, कुसौरा बाजार, दुबौलिया और बहादुरपुर, विशेषरगंज, जिलेबीगंज समेत हर्रैया में छापेमारी के दौरान कुल, आठ ऐसे अल्ट्रासाउंड पकड़े गए थे, जहां डॉक्टर नहीं थे।
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ये भी मामला पकड़ में आया था
सीएमओ कार्यालय के अनुसार किरन अल्ट्रासाउंड सेंटर रोडवेज तिराहा के चिकित्सक की डिग्री राजश्री अल्ट्रासाउंड निकट कृष्णा टाकीज गोंडा में भी लगी हुई है। आकृति डॉयग्नोस्टिक सेंटर पर लगी डॉ. अजय की डिग्री कृष्णा डॉयग्नोस्टिक सेंटर के साथ ही अपोलो डॉयग्नोस्टिक सेंटर मारूति नंदन कॉम्प्लेक्स काजीपुर चौराहा संतकबीरनगर में भी लगी है। आकृति व कृष्णा डॉयग्नोस्टिक सेंटर दोनों को नोटिस जारी किया गया है। स्टार अल्ट्रासाउंड सेंटर निकट जिला महिला अस्पताल में लगी डॉ. सैयद शबीह हैदर की डिग्री लाइफ केयर सेंटर इकौना श्रावस्ती और प्रार्थना डॉयग्नोस्टिक सेंटर मंगलपुरी इस्माइलगंज लखनऊ में भी लगी है। डाजरा डॉयग्नोस्टिक सेंटर अस्पताल चौराहा के चिकित्सक की डिग्री अनंता हार्ट एंड कैंसर हॉस्पिटल बड़ेवन के साथ इंडो अमेरिकन डॉयग्नोस्टिक सेंटर संतकबीरनगर में भी प्रयोग हो रही है। लाइफ लाइन डॉयग्नोस्टिक सेंटर में डॉ. उदयभान सिंह की डिग्री आरएच डॉयग्नोस्टिक सेंटर एंड इमैजिंग सेंटर एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड लखनऊ में भी लगी है। बावजूद इसके अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कोट
अभी विभाग को लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सूचना मिली है, एहतियातन जांच कराई जा रही है, इसमें जिस सेंटर से गलत रिपोर्ट दी गई है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।