घाघरा एक बार फिर अशांत हो गई है। विक्रम जोत-लोलपुर बांध के पास भीषण कटान से कल्याणपुर और भरथापुर गांव का अस्तित्व संकट में पड़ जाने से लोग सहम गए हैं। दो से पांच मीटर कटान हो रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक सुबह 92.85 जलस्तर था जो शाम को 92.8, मिमी पहुंच गया। पिपरपाती, चांदपुर क्षेत्र के तटबंधों पर भी दबाव बढ़ गया है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुुताबिक घाघरा की भीषण कटान ने मंगलवार को गौरियानैन के बाद भरथापुर और कल्याणपुर की आबादी क्षेत्र को निगलने पर जुटी है। रोज 2 से 5 मीटर खेत देखते-देखते धारा में समा जा रहे हैं। किसान अपनी कच्ची फसल व पेड़ काट कर खेत खाली करने में लगे हैं। बेकाबू कटान ने नदी के किनारे बसे गांवों को बुरी तरह डरा दिया है। यही नही जहां बांध है वहां ठोकरों और रैंपो को बचाना मुश्किल हो गया है। बिना बांध वाले इस गांव का क्या हाल होगा। प्रशासनिक लापरवाही पर गांव वालों में जबरदस्त आक्रोश है। कोई अधिकारी गांव में दिखता है तो विभाग विरोधी नारेबाजी करने लगते हैं।
कल्याणपुर के रामलगन यादव, रामनेवल मिश्र, बाबूलाल व भौसियाके जग्गा सिंह, अवधू सिंह का कहना है कि अब तो भगवान भरोसे हैं। हम लोग नेता और अधिकारियों के लापरवाही का शिकार हो गए हैं। अबकी बार तो गांव बचा पाना मुश्किल है। मंगलवार दोपहर एक बजे कल्याणपुर व भरथापुर के लोगों का हाल जानने पहुंचे बाढ़ खं्ड के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह, जेई ज्ञानप्रकाश जायसवाल, बलिराम यादव, दया शंकर सिंह, अजय सिंह व तहसील के कानूनगो, लेखपाल अन्य कर्मचारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। सभी जरूरी बचाव उपाय करने के आश्वासन देने पर लोग माने।
सोमवार से ही घाघरा का जलस्तर बढ़ना दोबारा शुरू हुआ। सोमवार शाम नदी खतरे के निशान 92.73 से 12 मिमी ऊपर 92.85 था। जिससे विक्रमजोत, धुसावा बांध गौरिया नैन के पास और संवेदनशील बना गया। कल्याणपुर व भरथापुर के पास नदी ने भीषण कटान शुरू कर दी है। प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर के पास पानी पहुंच गया। हालांकि 26 वीं वाहिनी पीएसी बचाव राहत दल को कल्याणपुर गांव में मौजूद है।
दुबौलिया के वीडी बांध के धरमूपुर एहतमाली, देवरागंग बरार, विशुनदासपुर में नदी सुबह सैकड़ों बीघा जमीन कटान में चली गई। चांदपुर, कटरिया गांव के पास बने ठोकर लगातार बैठ रहे हैं। चांदपुर के पास बांध को सुरक्ष्ति करने के लिए बोल्डर की जगह ईँट डाली जा रही हे लेकिन कटरिया के पास संवेदनशीलता बाढ़ खंड को नजर नहीं आ रही। यहां सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। नदी भिऊरा, देवरागंग बरार, धरमूपुर एहतमाली के पास बंधे से होकर बह रही है।
वीडी बांध पर नाम मात्र के मजदूर कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को विशुनदास के सिवान में नदी की कटान तेज हो गई है। कई किसानों की जमीन घाघरा में समा जा रही है। प्रशासन के तरफ राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है। गांव के लोग बाढ़ के चलते परेशानी झेल रहे है। अशोकपुर मांझा गांव के बाढ़ पीड़ितों को कोई सहायता भी नहीं मिल रही है।