अपनी मांगे मनवाने पर अड़े अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किए। मंगलवार को भी कार्य से बिरत रहते हुए मौन धारण करेंगे। द कमिश्नर्स कोर्ट के अधिवक्ताओं ने भी अपर आयुक्त की कोर्ट का बहिष्कार जारी रखा।
कैंटीन पर मालिकाना हक को लेकर सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। सोमवार को एसोसिएशन के साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष हरिश्चंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई। जिसमें कैंटीन एलाटमेंट को गलत बताया गया। कहा गया कि प्रथम सूचना रिपोर्ट निर्दोषों के विरुद्ध की गई। जब तक एलाटमेंट वापस नहीं हो जाता तब तक न्यायिक कार्य से अधिवक्ता विरत रहेंगे। बैठक के दौरान निर्णय हुआ कि सोमवार के अलावा मंगलवार को भी अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे। इस दौरान बार के महामंत्री दया शंकर दुबे, अजय प्रताप सिंह, दिनेश नारायण त्रिपाठी, अखिलेश कुमार दुबे, विजय कुमार चौधरी, देवा नंद सिंह, पावेंद्र नाथ पुरी, बद्री प्रसाद दुबे, प्रशांत कुमार भारती, विवेक शुक्ला, मृत्युंजय कुमार उपाध्याय, यंग बार अध्यक्ष भानु प्रसाद शुक्ला, महामंत्री शेष नाथ पाठक, कमिश्नर्स बार के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र, रविवशरण सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
कमिश्नर्स कोर्ट में भी नहीं हुआ कार्य
अधिवक्ताओं ने अपर आयुक्त भोलानाथ मिश्र के कदाचार के विरुद्ध सोमवार को भी आंदोलन जारी रखा। इस दौरान कई संगठनों का भी समर्थन मिला। अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण की मांग की । कहा जब तक स्थानांतरण नहीं होगा तब तक कार्य नहीं किया जाएगा। नागरिक जागरण मंच के अध्यक्ष सत्येंद्र नाथ मतवाला ने कहा कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने वाले अधिवक्ता वास्तव में समाज के सच्चे हितैषी है। जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डी राव ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करके अधिवक्ताओं ने नैतिक दायित्व की पूर्ति की है। इस दौरान, जवाहर लाल मिश्र, विनय कुमार, भागवत प्रसाद, विजय नाथ पांडेय, कृष्ण कुमार उपाध्याय, श्याम प्रकाश शर्मा, विनय कुमार बक्शी, ओम प्रकाश नाथ मिश्र आदि लोग रहे।