अधिवक्ता हत्याकांड: आरोपियों की तलाश मेंं पुलिस लगातार दे रही दबिश, हाथ नहीं आए
दो आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद धरना स्थगित
- 25 जनवरी की देर शाम अपहरण कर की गई थी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सिविल बार के अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव के अपहरण व हत्याकांड में पुलिस मुख्य आरोपी संदीप को तीसरे दिन मंगलवार को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। पहले से गिरफ्तार अधिवक्ता का बहनोई रणजीत और उसका चचेरा भाई विनय उर्फ सोहित को न्यायालय में पेश किया गया,जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक कार भी बरामद की है। पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मगर, संदीप और उसके अन्य साथियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। घटना में प्रयोग की गई स्कार्पियो भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। वह गाड़ी भी रणजीत के नाम से बताई जा रही है।
पकड़े गए रणजीत और सोहित से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने खम्हरिया गंगाराम गांव के अनुराग यादव उर्फ राघवेंद्र और आदित्य कुमार यादव निवासी किशुनपुर थान्हा खास हर्रैया का नाम शामिल किया है। पुलिस संदीप, अनुराग और आदित्य की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव कहने के लिए रिश्तेदार ही थे। मगर, हर कदम पर हम लोगों का विरोध करते थे। केस पर केस लादते जा रहे थे। उन्होंने हमारी जमीन तक कुर्क करवा दी थी। जमीन के अन्य मामले में भी चंद्रशेखर विपक्षियों का साथ दे रहे थे। इसलिए हम लोगों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। आरोपी रणजीत यादव, अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव का सगा बहनोई है। जबकि सोहित उर्फ विनय यादव रणजीत का ममेरा भाई है।
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दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन
संयुक्त बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना-प्रदर्शन किया। गिरफ्तार रणजीत और विनय उर्फ सोहित के बारे में आधिकारिक बयान न आने और दोनों को न्यायालय में पेश न करने की वजह से पुलिस के प्रति अधिवक्ताओं का गुस्सा बढ़ता गया। ऐसे में सिविल बार एसोसिएशन के गेट पर मंगलवार काे भी दरी बिछाई गई। अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, महामंत्री मारुत कुमार शुक्ल सहित अन्य अधिवक्ताओं, पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस लुकाछिपी का खेल खेल रही है। अगर आरोपी गिरफ्तार हैं तो उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश क्यों नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने राजस्व विभाग को भी आड़े हाथों लिया। कहा कि हाल के दिनों में जमीन के विवाद को लेकर दो हत्याएं हो चुकी हैं। मगर, राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का रवैया नहीं बदला। इस बीच पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की। इसके बाद अधिवक्ता धरने से उठे। इस दौरान न्याय मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था।
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यह है मामला
कप्तानगंज क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चंद्र यादव बस्ती कचहरी में अधिवक्ता थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी। बहन सोनमती का उसके पति रंजीत से विवाद था। शनिवार को शाम को गांव के बजरंगी यादव के साथ अधिवक्ता बोलेरो से महराजगंज बाजार आए थे। देर शाम करीब 7:30 बजे घर जाते समय हर्रैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के पास एक स्कार्पियो ने बोलेरो ओवरटेक कर रोक लिया और चंद्रशेखर को खींचकर अपनी स्कार्पियो में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए। गांव के युवक ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन कके जानकारी दी। उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया।