गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए अपर जिला एवं सत्र
न्यायाधीश रमा शंकर सिंह ने दो सगे भाईयों को सात सात वर्ष सश्रम कारावास
सजा की सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड भी
लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर छह छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना
पड़ेगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राघवेश प्रसाद पांडेय ने बताया कि सोनहा
थाना क्षेत्र के भानपुर नरखोरिया निवासी सनोज ने रिपार्ट दर्ज करायी कि थी
कि आठ अक्टूबर 2013 को दुर्गा पूजा का कार्यक्रम चल रहा था।
जहां वह अपने मित्र अनुराग मिश्रा से बातें कर रहे थे। जिस पर राहुल व
सुमित पुत्र गण पन्ना लाल उसकी हंसी उड़ाने लगे। विरोध करने पर दोनों ने
सनोज को मारा पीटा। सनोज ने अपने पिता गब्बू लाल को फोन करके बुलाया।
उसके
पिता को दोनों भाइयों ने सिर पर मार दिया। जिससे गंभीर चोट आई। इलाज के लिए
अस्पताल ले जाते समय गब्बू लाल ने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के आधार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोप पत्र दाखिल
हुआ।
गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने राहुल व सुमित
निवासी भानपुर नरखोरिया को दोषी करार देते हुए सात सात वर्ष सश्रम कारावास व
अर्थदंड की सजा सुनाई।