अभिलेखों में कूट रचना कर परिषदीय स्कूलों में नौकरी हासिल करने के दो आरोपी सहायक अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया है।
बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच में अभिलेखों में हेराफेरी से नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई। इस आधार पर दोनों आरोपियों की सेवा समाप्त कर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही वेतन रिकवरी के लिए कार्रवाई करने के लिए कहा है।
बीएसए के अनुसार, कुदरहा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टेंगरिया राजा में प्रधानाध्यापक पद पर हरीश चौधरी की नियुक्ति वर्ष 1999 में सहायक अध्यापक के तौर पर हुई थी। अंतरजनपदीय स्थानांतरण में वह जिले में आए थे। उनके अभिलेखों की शिकायत हुई थी। जांच में पता चला कि हरीश चौधरी ने इंटरमीडिएट और बीटीसी के फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली थी। अभिलेख में संतकबीरनगर जिले के सिंहापार का पता दर्ज है।
वहीं, दूसरे मामले में सल्टौआ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तुरकौलिया में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत अवधेश कुमार की शिकायत हुई थी। जांच में सामने आया कि उसने एक ही सत्र में यूपी बोर्ड और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय बोर्ड से हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा संस्थागत तौर पर पास की है। दोनों प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग है। अभिलेख में बहादुरपुर बस्ती का पता दर्ज है।