जीरो डोजर बच्चों के टीकाकरण संबंधी विषय पर आयोजित कार्यशाला में जानकारी देते सीएमओ डॉ. राजीव नि
बस्ती। बीसीजी टीका लगवाने के बाद गुम हुए बच्चों को खोजकर अब उनका टीकाकरण किया जाएगा। परिवार के बीच जाकर कर्मी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। जिले में करीब ढाई हजार जीरो डोजर बच्चे हैं, जिनकी सूची स्वास्थ्य प्रतिनिधियों ने सर्वे करके तैयार की है। बृहस्पतिवार को स्टेशन रोड स्थित होटल में आयोजित सेमीनार में इसकी जानकारी दी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय टीकाकरण माइक्रो प्लान के सुदृढ़ीकरण पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। शुभारंभ सीएमओ डॉ. राजीव निगम और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. नीरज सिंह ने गुणवत्तापूर्ण माइक्रो प्लान के लिए आवश्यक बिंदुओं को विस्तार से समझाया साथ ही एएफपी, मिजिल्स, डिप्थीरिया व परटुयसिस काली खांसी केसों की रिपोर्टिंग व केस मैनेजमेंट पर विस्तार से चर्चा की गई, यूनिसेफ से डीएमसी नीलम यादव की ओर से वीएबी परिवारों के चिह्नीकरण और कवरेज पर चर्चा की गई। यूएनडीपी के वीसीसीएम हरेंद्र ने यू-विन से संबंधित डाटा शेयर किया। जेएसआई से मनीष श्रीवास्तव, सीएसओ कोऑर्डिनेटर क्रिस्टी श्रीवास्तव ने टीकाकरण संबंधी जानकारी दी। अर्बन नोडल सचिन चौरसिया ने बताया कि शहर में 111 बच्चे हैं, जो इनकार की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। नियमित टीकाकरण से इंकार करने वाले परिवार के बच्चों व एक साल तक के ऐसे बच्चे जिन्हें टीके की कोई डोज न लगी हो (जीरो डोज) वाले बच्चों को प्रतिरक्षित करने के सुझाव दिए।