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सस्ता हुआ ‘कुपोषित’ मिट्टी का इलाज

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सस्ती हुई खेतों की कुपोषित मिट्टी का इलाज
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बस्ती। अगर आपके खेतों की मिट्टी बेजान हो गई है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब प्रदेश सरकार ऐसे मिट्टी की सेहत के इलाज के लिए पहल की है। मिट्टी को दोबारा रि-चार्ज करने में इस्तेमाल होने वाले जिप्सम पर अब ज्यादा अनुदान मिलेगा। इसपर पहले ही 50 प्रतिशत का अनुदान था। अब 25 फीसदी और ज्यादा मिलेगा यानी कुल मूल्य का 75 प्रतिशत प्रदेश सरकार वहन करेगी। सिर्फ 25 फीसदी ही आपको चुकाना होगा।
उप निदेशक कृषि डा. संजय कुमार त्रिपाठी के अनुसार अच्छी उपज के लिए मिट्टी में 16 तत्वों की उपलब्धता होनी चाहिए। जिसमें जिप्सम के अलावा पोएस, ईसी, आर्गेनिक कार्बन डीसी, उपलब्ध नाइट्रोजन एन, फास्फोरस पी, पोटैशियम शामिल है। प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच में सल्फर एस जिंक जेडएन, बोरोन बी, आयरन एफई, मैंगनीज एमएन, कापर सीयू की जांच होती है। बाकी चार तत्व भी 12 जांच में कवर कर लिए जाते हैं।
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लेकिन बढ़ते प्रदूषण और खेतों में रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से सूक्ष्म पोषक अवयवों का संतुलन गड़बड़ा गया है। नतीजा है कि धान, गेहूं, गन्ने जैसी कैश क्राप की पैदावार घटती जा रही है। इससे हताश किसान खेती छोड़ने पर विवश हो रहे हैं। ऐसे हालात में मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट ने जिप्सम पर 25 फीसदी अनुदान और बढ़ा दिया है। ताकि किसानों की लागत कम आए और फसलों की सेहत को सुधारा जा सके।
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क्या है जिप्सम
- जिप्सम प्राकृतिक खनिज है। रसायनिक दृष्टि से यह कैल्सियम सल्फेट होता है। बुआई से पहले जिप्सम छिड़कने से क्षारीय भूमि सुधर जाती है। यह तिलहनी, दहलनी और गेहूं की फसल में पोषक तत्व का काम करता है। इसके लिए कृषि पर्यवेक्षक को फार्म भरकर देना होगा। इसके आधार पर हर किसान को अधिकतम पांच क्विंटल जिप्सम पर ही अनुदान मिलेगा। इसके बाद भी भूमि सुधार की जरूरत महसूस होती है तो नमूने की जांच करवा कर वैज्ञानिक की सिफारिश के अनुसार जिप्सम अनुदान पर ले सकेगा।
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ऐसे जानें मिट्टी की सेहत
- मिट्टी की जांच के लिए मानक तय हैं। ढाई हेक्टेयर ग्रिड में से किसी एक खेत से मिट्टी का नमूना लिया जाता है। नमूना लेते समय वहां के किसानों के नाम दर्ज किए जाते हैं। परीक्षण के बाद सभी को कार्ड जारी किया जाता है। इसके अनुसार खेत में कमजोर तत्वों की आपूर्ति किसान करते हैं। विभाग के अनुसार ढाई हेक्टेयर क्षेत्र की सारी मिट्टी एक समान होती है।
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जिले की मिट्टी के तत्व
नाइट्रोजन- 99
फास्फोरस 34
केल्सियम14
इसी-99
पीएच-81
सूक्ष्म पोषक तत्व
जिंक-24
आयरन-46
कॉपर-3
मैग्नीज-1
सल्फर- 10
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