संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर अयोध्या से सहजनवां तक पेट्रोलिंग व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। रात हो चाहे दिन फोरलेन की सुरक्षा अर्थारिटी को अवरोध का पता नहीं चल पा रहा है।
इस चक्कर में जरूरी सावधानी नहीं बरती जा रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। होली से पहले रात में एक ट्रक पलटने के चार घंटे बाद भी मलबा नहीं हटाया जा सका। इससे सुबह भीषण हादसा हुआ। कार सवार पांच लोगों को जान गंवानी पड़ी। इस हादसे की जांच में पेट्रोलिंग की कमी सामनेे आई है।
जिले में एनएचएआई फोरलेन पर दो जगहों पर टोल वसूली की व्यवस्था है। छावनी के चौकड़ी और कोतवाली क्षेत्र के मड़वानगर टोल प्लाजा पर मिलाकर प्रत्येक 24 घंटे में 30 से 35 लाख रुपये की वसूली हो रही है, मगर यात्रियों की सुरक्षा के नाम सिर्फ कोरम पूरा किया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से जिस एजेंसी को पेट्रोलिंग का जिम्मा दिया गया है,उसका हाईवे पर कहीं पता-ठिकाना नहीं है। गोरखपुर से अयोध्या के बीच फोरलेन की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग टीम के पास एक एंबुलेंस और दो मोबाइल वैन ही उपलब्ध हैं। कागज में प्रत्येक आठ घंटे पर पेट्रोलिंग टीम बदल जाती है, मगर इस टीम को भ्रमण करते हुए शायद ही कभी देखा जाता है।
सुरक्षा की दृष्टि से पेट्रोलिंग टीम को हर समय भ्रमणशील रहकर फोरलेन पर अवरोध का पता लगाना होता है।
यदि कहीं हादसे होते हैं या अन्य अवरोध सामने आता है तो तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को देनी होती है, ताकि संबंधित स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम तत्काल किए जा सकें। ताजा मामला होली से चार दिन पहले की है। रात के दो बजे नगर थाना क्षेत्र के तिलकपुर मंदिर के पास एक ट्रक पलट गया। इसका मलबा सुबह सात बजे तक नहीं हटाया जा सका।
मौके पर दोनों तरफ डायवर्जन का संकेतक भी नहीं लगाया गया। फोरलेन पर चलने वाले वाहन खुद डायवर्ट होकर दूसरे लेन पर चलने लगे। सुबह सात बजे अपने लेन में आ रही एक तेज रफ्तार कार डायवर्ट होकर चल रहे दूसरे वाहन से भिड़ गई। इसमें पांच लोगों की जान चली गई। जांच में पता चला कि ट्रक पलटने के बाद पेट्रोलिंग टीम यदि सक्रिय हुई होती तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
फोरलेन के किनारे लग रहीं दुकानें ःजानकार बताते हैं कि पेट्रोलिंग टीम लाइव रिपोर्टिंग के लिए एक-दो बार वाहन से भ्रमण पर निकलती है। इस दौरान सड़क के क्षतिग्रस्त होने जैसी छिटपुट रिपोर्ट कर दी जाती है। इसके अलावा टीम को अन्य किसी खामियों का पता नहीं रहता है। फोरलेन के किनारे रात में अक्सर भारी वाहन अंधेरे में खड़े कर दिए जाते हैं। घघौआ से लेकर छावनी तक ढाबों के सामने दोनों लेन पर ट्रक, ट्रेलर खड़े कर दिए जा रहे हैं। मड़वानगर से परसा हज्जाम तक भी रात में फोरलेन के किनारे भारी वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। सुबह के समय फुटहिया के पास गिट्टी, मोरंग लदे भारी वाहन लाइन से खड़े मिलते हैं। यह वाहन भी दुर्घटना के कारण बन रहे हैं।
इसके अलावा मड़वानगर टोल प्लाजा के आसपास, पटेल चौक, हंडिया चौराहा के आसपास हाईवे की जमीन पर सड़क कब्जा कर दुकान भी चलाया जा रहा है। इन खामियों पर पेट्रोलिंग टीम कभी टोकाटाकी नहीं करती है।