नगर बाजार (बस्ती)। थाना क्षेत्र के ग्राम रौसिंघापार निवासी नलकूप विभाग के कर्मचारी उदय नारायन राव की आत्महत्या के मामले में परिवार ने कर्ज के दबाव और बैंक कर्मचारियों-एजेंटों की प्रताड़ना को मुख्य वजह बताया है। परिजनों का कहना है कि एक कर्ज खत्म करने के लिए दूसरा कर्ज लेने की कोशिश में वे ऐसे दलदल में फंस गए, जहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। लगातार बढ़ते दबाव और धमकी भरे कॉलों के बीच वे मानसिक रूप से टूट गए और अंततः आत्महत्या करने को मजबूर हुए।
उदय नारायन राव ने बैंक ऑफ बड़ौदा पुरानी बस्ती शाखा से 11 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसमें से 3.50 लाख रुपये वे जमा कर चुके थे। यह जानकारी देते हुए उदय नारायन के छोटे भाई पंकज राव बताते हैं कि शेष रकम के लिए बैंक कर्मचारी लगातार कॉल कर रहे थे और किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे। उनकी मानें तो भाई कई दिनों से अवसाद में रहने लगे थे और यही तनाव उनकी जान ले बैठा।
परिजनों का आरोप है कि इस बीच कुछ बैंक एजेंट उनसे मिले और बाय पोखर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से हाउसिंग लोन दिलाने का लालच दिया। एजेंटों ने 15 प्रतिशत कमीशन पर 24 लाख रुपये का नया लोन दिलाने का वादा किया। उन्होंने समझाया कि नया बड़ा लोन मिलने पर पुराना कर्ज पूरा चूक जाएगा और आर्थिक बोझ खत्म हो जाएगी। इसी लालच में राव इस प्रक्रिया में उलझते चले गए। भाई पंकज का कहना है कि एजेंटों के झांसे में फंसने के बाद हालात और खराब हो गए।
पुराने लोन की किस्तें समय पर जमा नहीं हो पा रही थीं, जिस कारण बैंक की ओर से लगातार कॉल आने लगे। पंकज बताते हैं सुबह-शाम फोन कर धमकी देते थे। एक बार एडवोकेट द्वारा नोटिस भी भेजा गया था। भाई साहब मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे। पत्नी बिंदू देवी बताती हैं कि कॉल इतना आता था कि वे फोन तक बंद कर देते थे। वह रिश्तेदारों का फोन भी नहीं उठाते थे। डर व तनाव इतना बढ़ गया था कि उन्हें नींद तक नहीं आती थी।
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परिवार के हादसे वाले दिन की कहानी भी दिल दहलाने वाली है।
मृतक के छोटे भाई अभिषेक राव बताते हैं कि उसी शाम उनकी बेटी का जन्मदिन था। उदय नारायन परिवार के साथ आए थे और सब सामान्य लग रहा था। लेकिन अचानक भोजन किए बिना यह कहते हुए चले गए कि महरीपुर में एक शादी में जाना है और वहीं भोजन कर लेंगे। भाभी और बच्चों ने साथ चलने को कहा तो मना कर दिए। बोले तुम लोग सुबह चलना। अगले दिन सुबह मौत की खबर मिल गई।
यह है मामला
कोतवाली थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार की सुबह विकास भवन के पास स्थित सरकारी आवास में रहने वाले नलकूप चालक नगर थाना क्षेत्र के रौसिंहा गांव निवासी उदय नारायण (43) का फंदे से लटका शव मिला था। जब साथी कर्मचारी पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जवाब न मिलने पर उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सीओ सिटी सत्येन्द्र भूषण तिवारी, कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचे। दरवाजा खुलवाकर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।