ट्रांसजेंडरों से मुलाकात करतीं राज्यापाल। स्रोत सूचना विभाग
बस्ती। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंगलवार को रौता पार मोहल्ले के लैबुड़ा ताल के पास स्थापित गरिमा गृह का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा व सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारी है। ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज से ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वीकार करने, भेदभाव न करने और उन्हें सम्मान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर जन्म से ही होते हैं और उन्हें घर में रखना चाहिए। उन्हें शिक्षा, रोजगार के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इससे पहले इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने गरिमा गृह का उद्घाटन कर परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान के लिए राज्यपाल के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। ट्रांसजेंडर समुदाय एवं समाज विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों ने प्रश्न पूछे। समाज में समावेसी सोच, समान अवसर तथा संवेदनशीलता बढ़ाने पर चर्चा हुई।
राज्यपाल ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है तथा सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने चुनौतियां मुझे पसंद हैं पुस्तिक की दो हस्ताक्षरित प्रतियां उत्कृष्ठ कार्य करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के दो महानुभावों को प्रदान की। गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका मानवी सिंह ने किया।