प्रशिक्ष्ण के लिए पहुंची महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
बभनान। कुपोषण से जंग के लिए सरकार शबरी संकल्प अभियान संचालित कर रही है। इसके तहत आंगनबाड़ी, आशा, कोटेदार, प्रधान व संगिनी को ब्लॉकवार प्रशिक्षित किया जा रहा है। गौर ब्लॉक सभागार में चल रहे सात दिवसीय प्रशिक्षण में अधिकांश प्रशिक्षक गायब हैं। ऐसे में ट्रेनर के अभाव में शबरी संकल्प को करारा झटका लग रहा है।
गौर ब्लॉक सभागार में 28 दिसंबर से शबरी संकल्प अभियान के तहत न्याय पंचायत वार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं आशा, प्रधान, कोटेदार और संगिनी को प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात तो यह है कि प्रशिक्षण में केवल आंगनबाड़ी एवं आशा ही पहुंच रहे हैं, जबकि पांच दिनों के प्रशिक्षण में प्रधान, कोटेदार एवं संगिनी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रशिक्षण के लिए कुल छह ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं लेकिन इनमें से अधिकांश गायब ही रहते हैं।
मंगलवार को प्रशिक्षण दे रहे ट्रेनर एडीओ आईएसबी जवाहरलाल चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए कई प्रशिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन कौन कहां है, इसकी जानकारी नहीं है। ट्रेनर ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती का एमसीटीएस, रजिस्ट्रेशन और मासिक प्रसव पूर्व जांच के साथ वजन, हीमोग्लोबिन, पेट की जांच एवं पैदा होने के एक घंटे के अंदर नवजात शिशु को स्तनपान शुरू कराने के प्रति जागरूक करने की है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्धारित मात्रा में मासिक अनुपूरक पोषाहार पाने वाली गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण सहित कई अन्य जानकारियां दी जा रही है। इस संबंध में जब प्रभारी सीडीपीओ निशा ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए सभी को सूचना दी गई है। जो लोग आ रहे हैं उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। रही बात ट्रेनर के अनुपस्थित रहने की तो तहसील दिवस के चलते कुछ लोग नहीं पहुंच पाए हैं।