बस्ती। भोर का समय, कोहरे में लिपटा आसमान और सरयू तट पर घंटों की गूंज...जैसे ही सूर्य की पहली किरण नदी के जल पर पड़ी, आस्था का ज्वार चरम पर पहुंच गया। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को सरयू, मनोरमा, कुआनो सहित जिले के विभिन्न नदी तटों पर हजारों श्रद्धालु स्नान-दान और पूजा के लिए जुटे।
कुदरहा के नौरहनी, कलवारी के टांडा, दुबौलिया के शेरवा घाट सहित अन्य घाटों पर किसी के हाथ में दीप था, किसी के थाल में तुलसी-दल और पुष्प। हर ओर भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम दिखा। मौसम अनुकूल होने की वजह से इस बार मेला देखने निकले लोगों का उत्साह बढ़ा हुआ था। कलवारी के टांडा घाट पर इस बार भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही। आसपास के गांवों से लोग पैदल, साइकिल और ट्रैक्टर ट्रॉली से पहुंचे। हालांकि, श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी घाट की सीढ़ियों की कमी और फिसलन से हुई। फिर भी श्रद्धा के आगे असुविधा छोटी पड़ गई।
स्नान के बाद श्रद्धालु मेले में पहुंचकर उत्सव के रंग में सराबोर दिखे। चाट, जलेबी, पकौड़ी और गन्ने के रस की दुकानों पर देर तक भीड़ लगी रही। वहीं बच्चों के लिए झूले, गुब्बारे और खिलौनों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। कार्तिक पूर्णिमा को ‘दान का पर्व’ कहा गया है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गोदान, अन्नदान और वस्त्रदान किया। शाम को नदी तट पर दीपदान का दृश्य अद्भुत रहा। सैकड़ों दीये जब सरयू की लहरों पर तैरते हुए दूर तक जाते दिखाई दिए, तो पूरा वातावरण दिव्यता से भर गया। स्थानीय पुजारी हरिनारायण दास ने बताया, कार्तिक पूर्णिमा का स्नान और दान मोक्षदायक माना गया है। जो व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा करता है, उसे अनंत फल प्राप्त होता है।”
भीड़ तो है, पर व्यवस्था थोड़ी कमजोर
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे, मगर कुछ कमियां फिर भी खलती रहीं। टांडा घाट पर पहुंचे विनोद मिश्रा ने कहा, स्नान तो कर लिया, पर उतरने और चढ़ने में दिक्कत हुई। घाट पर सीढ़ियां टूटी हैं और अस्थायी लकड़ी के तख्ते लगाए गए हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को बहुत परेशानी हुई। वहीं महिला श्रद्धालु रीता वर्मा ने बताया, सफाई का इंतजाम पहले से बेहतर था, पर शौचालयों की संख्या काफी कम थी। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
बाराह क्षेत्रधाम में उमड़ा जनसैलाब
टिनिच। सल्टौआ ब्लॉक के बाराह क्षेत्रधाम में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को हजारों श्रद्धालुओं ने कुआनो नदी में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शंकर का जलाभिषेक कर गोदान किया। भोर से ही बारहछत्तर घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। स्नान के बाद भक्तों ने बाराह कुंड में मथवन कर बरगद के नीचे स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि इस शिवलिंग पर लगातार ग्यारह सोमवार जल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यही वह स्थान है जहां भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष राक्षस का वध किया था। मेले में भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन विभिन्न संगठनों द्वारा किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रभारी निरीक्षक गौर परमा शंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। संवाद
कार्तिक पूर्णिमा पर अन्नदान-गोदान कर सुख-समृद्धि की कामना
कुदरहा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को सरयू नदी के नौरहनी घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शंकर की आराधना करते हुए अन्नदान व गोदान किया। भोर से ही कुदरहा-नौरहनी मार्ग पर स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली, टेंपो या बाइक से पहुंचा तो कुछ श्रद्धालु पैदल ही भजन-कीर्तन करते घाट की ओर बढ़ते दिखे। महिलाओं और बच्चों ने “गंगा मैया की जय” के जयकारे लगाते हुए स्नान किया। स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। घाट पर चाट, खिलौनों, मूंगफली और मिठाइयों की दुकानों से सजा मेला आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने सरयू तट पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया और जगह-जगह लपसी व खीर का प्रसाद वितरित किया गया। मेले में कुदरहा ब्लॉक के अलावा बनकटी, महादेवा, लालगंज, गायघाट, बैड़ारी, महसों और चरकैला सहित कई गांवों से लोग पहुंचे। संवाद
स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व
श्रद्धालु मानते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। दीपदान से जीवन में सुख-समृद्धि और प्रकाश आता है, जबकि दान-पुण्य करने से आत्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। नौरहनी घाट पर स्नान करने पहुंचे सेल्हरा निवासी राम विनोद चौधरी ने बताया कि इस शुभ दिन आस्था की डुबकी लगाने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। परसांव निवासी राम दयाल ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान कर दीपदान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और प्रकाश आता है। वहीं परसांव निवासी उग्रसेन पाल ने बताया,आज के दिन स्नान कर अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
दुबौलिया क्षेत्र के घाटों पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
दुबौलिया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र के सरयू तट पर पारा, खलवा, उनियार शेरवाघाट आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। शेरवाघाट घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ काफी रही। जहां विभिन्न गांव कटरिया, पूरे ओरीराय, बरसांव, दुबौलिया समौड़ा, विशुनदासपुर, बंजरिया सहित दूर दराज गांव के लोग पहुंचे यहां मेले का भी आयोजन हुआ। लोगो ने स्नान कर गौदान, अन्नदान, वा मां सरयू को कड़ाही भी चढ़ाई। शेरवाघाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस मौजूद रही। संवाद
हजारों श्रद्धालुओं ने पौराणिक मनोरमा नदी में लगाई डुबकी
हर्रैया। कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर बुधवार को पौराणिक मनोरमा नदी के विभिन्न घाटों पर पवित्र जल में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों में पूजन-अर्चन कर श्रद्धालुओं ने अनाज वस्त्र व धन दान किया। बैरवा घाट पर लगे मेले में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नायब तहसीलदार शौकत अली, लेखपाल राजेश मौर्य सुरक्षा के दृष्टि से मौके का हाल चाल जानने पहुंचे। कोहले के समय माता स्थान के अलावा शिवाला घाट,पुराने पुल सहित अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं ने स्नान दान कर कल्याण की कामना की। मखौड़ा धाम में बड़ी संख्या में लोगों ने मनोरमा में डुबकी लगाकर राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। संवाद