बस्ती। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी अधिनियम राम करन यादव की अदालत ने हत्या के मामले में पत्नी, साली समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजीसी वीरेंद्र बहादुर सिंह के अनुसार, मामला मुंडेरवा थाना क्षेत्र के ऊंचगांव जामोहे का है। वादी राम नरायन ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया था कि उनके बड़े भाई धर्मराज गुजरात में रहते थे। उनकी पत्नी मीरा करीब एक साल से मुंडेरवा थाना क्षेत्र के किठूरी गांव स्थित मंदिर पर रहने वाले गुड्डू उर्फ सत्येंद्र पांडेय के पास अक्सर सोखाई और पूजा-पाठ कराने जाती थीं। किठूरी गांव में ही धर्मराज की बहन इंद्रावती अपने पति विंध्याचल के साथ रहती थी। आरोप है कि इंद्रावती और विंध्याचल भी अक्सर मीरा को पूजा-पाठ के लिए बुलाते थे।
10 अप्रैल 2023 की सुबह करीब 10 बजे धर्मराज अपनी पत्नी मीरा को साइकिल से लेकर किठूरी गए थे। देर रात तक दोनों घर नहीं लौटे। अगले दिन दोनों के मोबाइल फोन बंद मिले तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और उनकी तलाश शुरू की गई। जानकारी मिली कि धर्मराज गंभीर रूप से घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती हैं। रात करीब 2:30 बजे उनकी मौत हो गई। अगले दिन अस्पताल में परिजनों ने शव की पहचान की। इसके बाद राम नरायन ने गुड्डू उर्फ सत्येंद्र पांडेय, धर्मराज की पत्नी मीरा, उसकी बहन इंद्रावती और बहनोई विंध्याचल पर हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। अदालत ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्येंद्र पांडेय उर्फ गुड्डू, विंध्याचल और मीरा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।