घनी आबाद वाले क्षेत्र अंजहिया बाजार निवासी विनोद कुमार केसरवानी पांच भाई हैं। सभी का परिवार तीन मंजिला मकान में रहता है। मकान के निचले हिस्से में सौंदर्य प्रसाधन की दुकान है। विनोद के भाई सुनील का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता था। रोजाना की तरह शनिवार की रात सुनील, पत्नी पूजा केसरवानी (32), बेटी सौरभी (4) और चार माह के बेटे के साथ कमरे में सो गए। भोर में करीब साढ़े तीन बजे दूसरी मंजिल पर रहने वाले सुनील के भाई विजय नाथ को ऊपरी मंजिल पर आग लगने का आभास हुआ। विजय नाथ भागकर सीढ़ियों की तरफ पहुंचे तो आग देख शोर मचाने लगे। उन्होंने सुनील को लगातार आवाज दी।
सुनील ने जैसे ही खिड़की खोली आग की लपटें देख सदमे में आ गए। वह बच्चों और पत्नी को बचाने के लिए आगे बढ़े तो धुएं के चलते बदहवास होकर गिर पड़े। पूरे मकान में चीख-पुकार मच गई। परिवार के अन्य लोग आग पर काबू पाने का जब तक प्रयास करते, तीसरी मंजिल पर सुनील के कमरे में धुआं भर गया था। नीचे की मंजिल पर रह रहे अन्य भाइयों के परिवार ने किसी तरह खिड़की से रस्सी के सहारे कूदकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना पर पहुंची अग्निशमन टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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सूचना के बाद एसडीएम मनोज प्रकाश राजस्वकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को अहेतुक सहायता समेत हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं सीएचसी पर मुस्तैद सीओ संजय सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया कमरे में धुआं भरने के कारण दम घुटने से ही सभी की मौत लग रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ होगी। हर्रैया थाने के प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।
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