चुनाव में फिर दिखेगी थ्री नॉट थ्री रायफल की हनक
बस्ती। दो वर्ष पहले अप्रासंगिक बताकर निष्प्रयोज्य घोषित की गई थ्री नॉट थ्री रायफल की पंचायत चुनाव में फिर से हनक दिखेगी। चुनाव आयोग की तरफ से मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बलों की अधिक से अधिक तैनाती के निर्देश के क्रम में यूपी पुलिस ने फैसला लिया है कि थ्री नॉट थ्री रायफल का फिर से इस्तेमाल किया जाए।
इसकी दो वजह बताई जा रही है। एक तो पर्याप्त संख्या में इंसास रायफल उपलब्ध नहीं हैं और दूसरे ड्यूटी पर तैनात किए जा रहे होमगार्ड्स इंसास चलाने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। जिले में करीब आठ सौ होमगार्ड्स को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। इनमें आधे से ज्यादा सशस्त्र यानी थ्री नॉट थ्री रायफल से लैस रहेंगे। पहले चरण के मतदान ड्यूटी पर संतकबीरनगर भेजे गए होमगार्ड्स में सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट और अन्य मजिस्ट्रेट व अधिकारियों के साथ भ्रमणशील होमगार्ड्स को थ्री नॉट थ्री रायफल दी जा रही है। एसपी आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक जरूरत के हिसाब से रायफल तैयार रखी गई हैं। पुलिस महकमे की शान रहीं थ्री नॉट थ्री रायफल करीब 44.5 इंच (साढे़ तीन फीट से ज्यादा) लंबी होती हैं। बैरल की लंबाई करीब 25 इंच होती है। थ्री नॉट थ्री की मारक क्षमता दो किलोमीटर तक की होती है। थ्री नॉट थ्री रायफल को 26 जनवरी 2019 को अप्रासंगिक बताकर इसे इंसास और एसएलआर (सेल्फ लोडिंग रायफल) से रिप्लेस किया गया था। हालांकि, फिर से थ्री नॉट थ्री रायफल को कुछ समय के लिए मालखाने से बाहर निकालकर होमगार्ड जवानों को पंचायत चुनाव के लिए सौंपा जाएगा।
थ्री नॉट थ्री एक बोल्ट एक्शन, मैगजीन फेड रिपीटिंग रायफल है। इसमें बोल्ट राइफल का वो पुर्जा होता है, जो कारतूस के दगते वक्त नाल का पिछला हिस्सा ब्लॉक किए रहता है। पुराने जमाने की फिल्मों में इस तरह की रायफल का उपयोग दिखाया गया है। थ्री नॉट थ्री में हर बार गोली चलाने से पहले रायफल के पीछे लगे एक छोटे से हैंडल को घुमा कर आगे-पीछे किया जाता है। बोल्ट जब पीछे खींचा जाता है, तो पहले से दगे कारतूस का खोल बाहर आता है। बोल्ट को आगे खिसकाने पर वह अपने साथ आए नए कारतूस को चेंबर में ले जाता है। चेंबर में ही वो धमाका होता है, जिसके चलते बंदूक से गोली निकलती है। चेंबर में ले जाने के बाद बोल्ट को फिर लॉक किया जाता है। इसके बाद गोली चलाई जाती है।