डबल स्टार वालों को थानेदार बनने की हसरत हो सकता है अधूरी रह जाए। क्योंकि अब जिले में अब सिर्फ तीन थानों पर ही सब-इंस्पेक्टर स्टेशन आफिसर नियुक्त हो सकेंगे। डीजीपी ने साफ कर दिया है कि एक जिले में सिर्फ तीन के अलावा शेष सभी थाने इंस्पेक्टरों के हवाले होंगे। जिन तीन थानों का चार्ज टू-स्टार वालों को दिया जाएगा, उनकी अनुमति भी एसएसपी को आईजी से लेनी होगी। इस नए फरमान से थानेदारी की आस लगाए तमाम दरोगाओं में मायूसी छा गई है।
अभी तक व्यवस्था थी कि जनपद स्तर पर 70 फीसदी थानों में इंस्पेक्टर और 30 फीसदी थानों में सब इंस्पेक्टरों को चार्ज दिया जाता था। अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। पूरे जिले के सिर्फ तीन थानों की कमान ही सब इंस्पेक्टरों को मिल सकेगी। अभी तक शासन के अधिक से अधिक थानों पर इंस्पेक्टर तैनात किए जाने के निर्देश के बावजूद ज्यादातर थानों पर जुगाड़ वाले सब इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष बनकर मलाई काटते रहे। परंतु हाल ही में चुनाव आयोग की घुड़की के बाद थोक के भाव इंस्पेक्टरों को चार्ज दिया गया। बस्ती में भी 70-30 के औसत से तैनाती मेंटेन की गई। लेकिन दो दिन पहले डीजी ने स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ तीन थाने पर ही सब इंस्पेक्टर तैनात होंगे।