बस्ती। किराने की दुकान से सामान लेकर लौट रही किशोरी को अगवा करके सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नामजद तीन आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को तड़के करीब ढाई बजे दुबौली नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।
इस प्रकरण में शहबान, दिलशाद व रसीद के अलावा दो महिलाओं का नाम सामने आया था। आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद दोनों महिलाओं ने पीड़िता को मार-पीटकर घर के बाहर फेंक दिया था।
सीओ स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि सोनहा थाने की पुलिस ने स्वाट, एसओजी, सर्विलांस टीम के सहयोग से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। महिला आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस मामले में कार्रवाई न करने के आरोप में सोनहा थाने के प्रभारी निरीक्षक मोतीलाल, असनहरा चौकी इंचार्ज रितेश सिंह और आरक्षी सुनील कुमार खरवार पर गाज गिर चुकी है। सोमवार को ही तीनों को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि 16 अगस्त को उसकी 14 वर्षीय पुत्री किराने की दुकान पर सामान लेने गई थी। रास्ते में शहबान, दिलशाद व रसीद लड़की का मुंह बंद करके हाथ पैर पकड़ कर अपने घर में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया।
आरोप है कि शहबान की मां और चाची ने लड़की को मारा-पीटा व जान से मारने की धमकी देते हुए घर से बाहर फेंक दिया गया। इसकी शिकायत पीड़िता के परिजनों ने चौकी व थाने पर की थी। लेकिन, पुलिस ने प्रकरण में कोई फौरी कार्रवाई नहीं की। रविवार को हिंदू संगठनों ने असनहरा पुलिस चौकी पर धरना दिया था। इसके बाद आनन-फानन सोनहा थाने में केस दर्ज किया गया।