- विदेशी एजेंटों से साठगांठ करके चला रहे कबूतरबाजी का धंधा
- अच्छी पगार दिलाने का लालच देकर डेढ़ से दो लाख की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कबूतरबाजों के गिरोह में विदेशों तक के एजेंट शामिल हैं। ये एजेंट विदेशों में बैठकर स्थानीय सब एजेंटों की मदद से कबूतरबाजी के धंधे को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की जांच में बार-बार यह बात सामने आ चुकी है कि यहां के एजेंट विदेशी एजेंट के इशारे पर बेरोजगारों को फंसाकर उन्हें हर महीने 40-50 हजार रुपये पगार दिलाने का झांसा देते हैं। उनमें से ज्यादातर टूरिस्ट बीजा का खेल खेलते हैं। यहां से डेढ़ से दो लाख रुपये लेकर टूरिस्ट बीजा पर हवाई जहाज पर बैठा देते हैं। कई बार मलेशिया जैसे देशों में कुछ लोगों को भेजकर दूसरों को भरोसा दिलाते हैं कि उनकी सेटिंग बाहर तक है।
मुंडेरवा क्षेत्र के अकरम को कबूतरबाजों से इसी तरह समझाकर टूरिस्ट बीजा पर दुबई भेज दिया था। जहां से उसे वापस आने के लिए कर्ज लेना पड़ा था। अकरम ने बताया कि एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कोई चारा ही नहीं सूझ रहा था कि कहां जाएं। किसी तरह एक परिचित के यहां जाकर 10 दिन रुका और घर से रुपये का इंतजाम करके मंगाने के बाद वापस लौट पाया।
कुछ महीने पहले कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर लालगंज थाना क्षेत्र के आधा दर्जन लोगों को एक युवक ने लाखों रुपये चूना लगा दिया था। सेल्हरा निवासी मुकेश चौधरी, फूलचंद, पल्टू राम, कलवारी क्षेत्र के गौरा रोहारी गांव निवासी राम उजागिर सहित अन्य लोगों ने सुकरौली निवासी युवक के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल और मुकामी थाने को शिकायत की है। आरोप है कि इन सभी से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 से 60 हजार रुपये ले लिए। दुबौलिया क्षेत्र के बरदिया लोहार निवासी अमीउल्लाह का कहना है कि विदेश भेजकर अच्छी कंपनी से वीजा दिलवाने के नाम पर जालसाज ने 3.50 लाख रुपये देने के लिए कहा। उसके बताए गए खाते में 2.45 लाख रुपये विभिन्न तिथियों में भेजा गया। लखनऊ एयरपोर्ट अधिकारियों ने वीजा फर्जी बताया। पुलिस केस दर्ज कर इन मामलों की छानबीन कर रही है।
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दुबई, अजर बैजान से लेकर आयरलैंड में नौकरी का झांसा
- हाल में ही नोएडा पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके एजेंट यहां तक फैले हुए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि बेरोजगार व विदेश में नौकरी करने के इच्छुक लोगों से संपर्क कर कंस्ट्रक्शन साइट से लेकर कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए कंपनी का फर्जी विज्ञापन भेजते थे। दुबई, अजर बैजान, सउदी अरब, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, मालदीव, ओमान, कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम लाखों रुपये ले लेते थे।
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फर्जी वीजा देकर भेज देते हैं एयरपोर्ट
- जानकार बताते हैं कि जालसाज एक साथ 50 से अधिक लोगों को इकट्ठा करते हैं। इन सभी के मोबाइल पर फर्जी ऑफर लेटर व फर्जी वीजा भेजकर ज्वाइनिंग की तिथि बता देते हैं। एयरपोर्ट पर पीड़ितों को फर्जीवाड़े का पता चलता है। जालसाज अपना दफ्तर बंद कर भाग जाते हैं।
कोट
- विदेश जाने की इच्छा रखने वाले बेरोजगारों को हमेशा वैध तरीके से आवेदन करके बीजा हासिल करना चाहिए। फर्जी एजेंटों के जाल में फंसकर घर की पूंजी दांव पर लगाना उचित नहीं है। बिना अच्छी तरह से तस्दीक किए इस तरह का किसी से लेनदेन नहीं करना चाहिए।
आरके भारद्वाज, आईजी