संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के रानीपुर निवासी शक्ति हत्याकांड की तफ्तीश अब नए सिरे से होगी। शक्ति के परिवार के लोगों ने नगर थाने की पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि नगर थाने के एसओ केस की विवेचना में आरोपियों को बचाने के प्रयास में जुटे हैं।
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि केस की विवेचना अपराध शाखा को स्थानांतरित की गई है। नए विवेचक संजय कुमार ने बताया कि वह जल्द ही शून्य से तफ्तीश की शुरुआत करेंगे। आवश्यकता पड़ी तो फिर से घटना स्थल पर सीन रिक्रिएट किया जाएगा।
केस दर्ज करवाने वाले शक्ति सिंह के भाई विक्रम सिंह का कहना है कि नगर थाने की पुलिस आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू से प्रयास कर रही है।
घटना में शामिल अन्य लोगों को न तो केस में शामिल किया गया और न ही उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया गया। इसके अलावा साक्ष्य संकलन में भी हीलाहवाली की जा रही है।
इस आशय का उसने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया था, जिसके क्रम में एसपी ने नगर एसओ देवेंद्र सिंह से विवेचना हटाकर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय कुमार को सौंप दी।
इस तरह हुआ था खुलासा : दुबौलिया थाना क्षेत्र के सैफाबाद बंधे के किनारे स्थित तिवारीपुर गांव के पास 26 सितंबर को सुबह ग्रामीण मवेशी चरा रहे थे। तभी तटबंध के पत्थरों पर लगे खून पर उनकी नजर पड़ी। वहीं पास में पानी में एक बोरा दिखा, जिसमें कुछ भरा होने का शक हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची और बोरा खोला तो उसमें शव मिला। उसकी पहचान शक्ति सिंह के रूप में हुई। शक्ति के भाई विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि 24 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के मूड़घाट पर उनका भाई शक्ति दाह संस्कार में गया था। वहां से घर नहीं पहुंचा। विक्रम ने तहरीर देकर गांव के नागेश सिंह, रवि सिंह, शैलेश सिंह और मनोज शुक्ला आदि पर भाई का अपहरण कर हत्या का केस दर्ज कराया था।