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Basti News: हर तरफ शोर मचा रखा है...से गूंजा मुशायरा

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मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर हुए कवि सम्मेलन में कवियों को सम्मानित किया-स्रोत आयोजक
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बस्ती। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर साहित्यिक संस्था अवधी संगम की ओर से जिला पंचायत परिसर में दीपक सिंह प्रेमी के संयोजन में कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मुख्य अतिथि डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि कवि और शायर सदियों से समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते रहे हैं। कवि विनोद उपाध्याय ''हर्षित'' ने अपनी गजल ''हर तरफ शोर मचा रखा है, तौबा-तौबा, एक जालिम ने डरा रखा है, तौबा-तौबा'' सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र ने ''मैंने सेवा व्रत अपनाया, परम आत्मिक सुख है पाया'' रचना के माध्यम से जीवन मूल्यों का संदेश दिया। शाद अहमद ''शाद'' की शायरी ''ध्यान दो साहब के दिन अच्छे नहीं हैं, कब पता झोला उठाकर चल दिए'' को भी श्रोताओं ने सराहा।
डॉ. अफजल हुसैन ''अफजल'' ने ''आज शब चांद मेरे घर में ठहर जाने दो, अपनी जुल्फों के तले रात गुजर जाने दो'' सुनाकर तालियां बटोरीं। दीपक सिंह ''प्रेमी'' ने ''नजर का फिर निशाना हो गया है, ऐ दिल फिर से दीवाना हो गया है'' रचना प्रस्तुत की। अध्यक्षता कर रहे डॉ. रामकृष्ण ''जगमग'' ने ''पहुंचाई है देश को तुमने कितनी हानि, गाली खाकर भी नहीं होती तुमको ग्लानि'' सुनाकर समसामयिक विषयों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अफजल हुसैन ''अफजल'' ने किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ अर्चना श्रीवास्तव की सरस्वती वंदना तथा सलीम वस्तवी की नात-ए-पाक से हुआ। इस अवसर पर काजी अनवार पारसा, सलीम वस्तवी ''''अजीजी'''', सागर गोरखपुरी, डॉ. राजेंद्र सिंह, सुशील सिंह ''''पथिक'''', राहुल सिंह चौहान, श्याम प्रकाश शर्मा, बटुकनाथ शुक्ल, ओमप्रकाश धर द्विवेदी सहित अन्य साहित्यकार मौजूद रहे।
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