विक्रमजोत के लोलपुर मे कटान को रोकने के बोल्डर डालते मजदूर।
केन्द्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या के अनुसार घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार को 92:82 मीटर रहा। जो खतरे के निशान से सात सेमी. ऊपर है। गिरजा बैराज व सरयू बैराजों से 227570 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बावजूद, बुधवार सुबह से नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
लोलपुर-विक्रमजोत बांध के किनारे बसे गांवों में कटान जारी है। ठोकर नंबर एक व दो पर नदी का बहाव सीधा पड़ रहा है जिससे बांध के स्टैंड व रैंपों पर धारा का दबाव बना हुआ है। मुंडेरीपुर, गौरियानयन, भदोई पुरवा, रानीपुर, कठवनिया, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर सहित कई गांव में कटान का खतरा बना हुआ है। हाईवे व नदी के बीच बसे लोगों में डर बना हुआ है। वहीं दुबौलिया ब्लॉक के गौरा, चांदपुर, पारा, धरमूपुर गांव के पास नदी कृषि योग्य जमीन धारा में विलीन होती जा रही है। जबकि भिऊरा व चांदपुर के पास नदी बंधे के करीब होकर बह रही है। जिससे वीडी बांध पर दबाव बना हुआ है। बंधे पर बोल्डर न गिराए लाने से स्पर पर मरम्मत कार्य बंद है। गायघाट प्रतिनिधि के अनुसार पिपरपाती के पास बने स्पर में नदी का दबाव बना हुआ है। कटान पर कंट्रोल नहीं होने से मटियरिया गांव पर खतरा मंडरा रहा है।
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक कलवारी मुस्तकहम एवं मांझाकला गांव के लोग बाढ़ के भय से आशियाना छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए अभी तक राहत सामग्री की कोई व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।