बस्ती। जिला अस्पताल के न्यू सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज 48 घंटे तक कराहता रहा और मेडिकल तक नहीं हो सका। मामला थाना सोनहा और सीएचसी भानपुर के बीच उलझा होने से डॉक्टर भी मेडिकल के लिए कतराते दिखे। बाद में शोरगुल और भाग-दौड़ के बाद सीएमओ ऑफिस से आदेश आने पर डॉक्टर पहुंचे और जांच कर मेडिकल कराने के आदेश दिए।
सोनहा थाना क्षेत्र के बड़ोखर निवासी अशोक 26 साल पुत्र स्व. राधेश्याम शनिवार को दोपहर तीन बजे जिला अस्पताल में भर्ती हुए। पीड़ित अशोक की मां गुड़िया ने बताया कि गांव के तीन दबंग व्यक्ति सामने बंधी भैंस के चारा खा लेने से मारपीट कर सिर फोड़ दिया। बेहोशी की हालत में अशोक को सीएचसी भानपुर ले गए। यहां डॉक्टर न मिलने पर फार्मासिस्ट ने जिला अस्पताल ले जाने को कहा। सिर से लगातार खून बह रहा था। निजी साधन से लेकर सोनहा थाना पहुंचे। यहां पुलिस से सहयोग नहीं मिला। हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल लाए। यहां पहुंचने पर बिना पुलिस और रेफर कागज के भर्ती नहीं कर रहे थे। किसी तरह से भर्ती किए। काफी मनुहार के बाद थाने से एक गार्ड पहुंचा। उसने भी तेल-पानी का लिया। लिखापढ़ी के बाद तहरीर दी गई। जिसके बाद एनसीआर दर्ज किया गया। लेकिन, पुलिस कर्मी के न होने से मेडिकल नहीं हो पा रहा था। सीएमओ कार्यालय पहुंचे। शिकायत हुई, उसके बाद एसआईसी डॉ. खालिद रिजवान ने आर्थो सर्जन डॉ. आलोक पांडेय को वार्ड में भेजा। जांच कर मेडिकल के लिए ले जाया गया, लेकिन रेफर कागज न होने के कारण मामला लटका रहा। पीड़ित गुड़िया ने बताया कि थाने और सीएचसी अस्पताल से यदि सहयोग मिलता तो उपचार और मेडिकल दोनों समय से हो जाता और आरोपियों पर कार्रवाई होती।