हर्रैया। थाना क्षेत्र के जिवधरपुर कुंवर गांव में शिवकुमार सिंह को क्या मालूम जिस जमीन को देकर वह रास्ते का विवाद हल कर रहे हैं कुछ दिनों बाद वहीं उनके मौत का कारण बनेगा। यहीं कहते हुए घर के लोग दहाड़े मारकर रो रहे हैं।
शुक्रवार की रात रास्ते के मामूली विवाद में शिवकुमार की एक झटके में मौत हो गई। इससे परिवार के लोग सदमे हैंं, परिजनों का कहना है यदि वह अपनी जमीन नहीं देते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। परिजनों ने बताया 13 साल पहले शिवकुमार के पिता जगदेव सिंह का उनके पट्टीदार अवध बिहारी सिंह से खूब जमती थी। शिवकुमार की सहमति पर उनके भाई राजेश सिंह ने अपने घर के सामने खेत की जमीन से अवध बिहारी के घर तक जाने के लिए रास्ता बनवाया था।
समय बीता तो दोनों लोगो के बीच संबंध भी ठीक नहीं रहे। उसी रास्ते को लेकर आए दिन कहा सुनी होने लगी। शिवकुमार और उनके भाई राजेश के परिजन उसे अपना व्यक्तिगत रास्ता बताकर अवध बिहारी के परिवार को आने-जाने से मना कर रहे थे। इसको लेकर कुछ दिन पहले जमीन की पैमाइश भी हुई थी। राजस्व टीम ने रास्ते के प्रयोग में लाई जा रही जमीन को शिवकुमार पक्ष का ही बताया था। टीम ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर रास्ते का उपयोग करने पर राजी किया था।
शुक्रवार को एक बार फिर रास्ते के विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। बात बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। राजेश का आरोप है कि लुधियाना से गांव आए उनके भाई शिव कुमार को आरोपी घर से घसीटकर रास्ते के पास बने नाद तक ले गए। वह और उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए दौड़े तो तब आरोपियों ने शिवकुमार को धक्का देकर गिरा दिया। इससे वह बेहोश हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
मृतक की मां छोटे भाई राजेश और बड़े भाई की पत्नी व बच्चों के साथ गांव पर रहती है। जबकि पत्नी ऊषा सिंह, बेटा संजीव उर्फ राजू व संदीप लुधियाना में थे। मौत की सूचना के बाद वह लोग भी गांव के लिए निकल दिए हैं।