बस्ती। इस बार कांवड़ियों के बड़े वाहन केडीसी परिसर से आगे न बढ़ने देने की तरकीब काफी कारगर साबित हुई। चूंकि भद्रेश्वरनाथ से लेकर डारीडीहा तक भीड़ का हॉट स्पॉट बना हुआ था। तिल रखने की जगह नहीं थी। यदि उस बीच में कोई कांवड़ियों का भारी वाहन घुसा होता तो दुर्घटना होना तय था। ऐसी आशंका को भांपते हुए अधिकारियों ने पहले ही वाहनों को राणा प्रताप तिराहे से आगे न बढ़ने देने का प्लान तैयार किया था।
फुटहिया-नगर, कलवारी, कप्तानगंज से कांवड़ियों के वाहनों को शहर क्षेत्र में बड़ेेवन से प्रवेश नहीं करने दिया गया। शास्त्री चौक से रामचंद्र शुक्ल तिराहा की तरफ जाने वाले कांवड़ियों के वाहनों को मूड़घाट के तरफ डायवर्ट किया गया। पुराना डाकखाना/कटरा की तरफ से आने वाले वाहनों को शास्त्री चौक की तरफ डायवर्ट किया गया। रामचंद्र शुक्ल तिराहे व कंपनी बाग की तरफ से आने वाले कांवड़ियों के वाहनों को डायवर्ट करते हुए वापस कंपनी बाग की तरफ भेजा गया। इस तरह कांवड़ियों का वाहन किसान पीजी कॉलेज ग्राउंड में खड़े कराए गए। संवाद