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Basti News: नहीं थम रहा कुत्तों का आतंक...वैक्सीन के लिए अस्पताल में लंबी कतार

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एंटी रैबीज वै​क्सीन लगाते स्वास्थ्यकर्मी।
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बस्ती। जिले में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। खूंखार कुत्ते हर दिन 200 से लेकर 300 लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में 200 से अधिक लोगों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई।
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डॉक्टरों के मुताबिक हर दिन नए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, मंगलवार को भी 350 से अधिक लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई थी। वहीं साल भर के आंकड़े की बात करें तो जनवरी से दिसंबर 2025 तक कुत्ते के काटने के कारण जिला अस्पताल में 12 हजार से अधिक लोगों ने एआरवी लगवाई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले की 14 सीएचसी पर भी हर दिन 20 से 25 लोगों को एआरवी लग रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान में कुत्तों का आतंक बढ़ा है। वहीं, तीन से चार लोगों को खुंखार कुत्तों ने भी शिकार बनाया है। जिन्हें वह नोचकर बुरी तरह जख्मी कर चुके हैं।
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इनमें बच्चे और युवा शामिल हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी के रिकॉर्ड के मुताबिक बुधवार को करीब 200 से अधिक लोगों ने वैक्सीन लगवाई। डॉक्टरों ने बताया कि सभी को एआरवी लगाई गई है। डॉक्टरों के मुताबिक ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में 24 घंटे में कुत्तों के काटने के पांच से छह से ज्यादा मामले आ जाते हैं। कुछ को भर्ती भी करना पड़ता है।
ओपीडी में हर दिन औसतन 120-130 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आते हैं। जो संख्या अब बढ़ गई है। बताया गया कि निजी अस्पताल में यह डोज लगभग 300 रुपये की मिलती है। गांव से ऐसे केस भी आते हैं, जिन्हें कुत्तों ने ज्यादा जख्मी किया हो।
ऐसे मरीजों को एंटी रैबीज सीरम लगाया जाता है। वहीं, कुत्तों के अलावा बिल्ली, बंदर और अन्य रैबीज वाले जानवरों के काटने के शिकार मरीज वैक्सीन लगवाने रोजाना सुबह ही आ जाते हैं। इसमें गांव से लेकर शहर तक के मरीज शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सीएचसी स्तर पर एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध है। एमओआईसी को निर्देश दिए गए हैं कि वैक्सीन के बिना कोई वापस न जाने पाए। सीएचसी पर वैक्सीन की उपलब्धता है।
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