बस्ती। 42 डिग्री तापमान वाले दिन और रात की भीषण उमस में बिजली रोज धोखा दे रही है। इस भीषण गर्मी का ताप बिजली के तार से लेकर ट्रांसफार्मर तक नहीं झेल पा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक लोकल फाल्ट, लो-वोल्टेज की समस्या आम बात हो गई है। ट्रांसफार्मर जलने का सिलसिला भी बंद नहीं हो रहा है।
बिजली निगम के आंकड़े के अनुसार, 10 से 15 ट्रांसफार्मर रोजाना जल रहे हैं। मई महीने में 22 दिन के भीतर 140 छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वहीं 400 से अधिक लोकल फाल्ट सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा 10 केवीए और 25 केवीए के ट्रांसफार्मर जल रहे हैं।
विभागीय जानकारों के अनुसार गर्मी में अधिक लोड होने के चलते कम क्षमता के ट्रांसफार्मर भार नहीं संभाल पा रहे हैं। बस्ती जिले में बिजली निगम के चार खंडों में स्थापित 33/11 केवी के कुल 34 उपकेंद्र के जरिये बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन उपकेंद्रों से कुल 17 हजार ट्रांसफार्मर को बिजली सप्लाई हो रही है। बिजली की खपत भी इन दिनों बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जिले भर में 120 मेगावॉट बिजली की जरूरत पड़ती है। गर्मी के इस सीजन में 200 मेगावॉट बिजली की खपत हो रही है। हालांकि टांडा एनटीपीसी से बिजली की आपूर्ति खपत के हिसाब से 100 प्रतिशत हो रही है। मगर जगह-जगह संयत्र ठीक न होने से सप्लाई बाधित हो जा रही है।
हंडिया फीडर में आई तकनीकी खराबी, रातभर गुल रही बिजली : पुरानी बस्ती बिजली उपकेंद्र के हंडिया फीडर में शुक्रवार की रात तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते एक दर्जन कॉलोनियों और मोहल्लों में पूरी रात बिजली गुल रही। भीषण उमस में लोग घरों से बाहर निकल टहलकर रात बिताई। इस दौरान उपकेंद्र पर भी उपभोक्ताओं का आना-जाना लगा रहा। कुछ देर तक कोशिश करने के बाद मरम्मत टीम रात में बिजली बहाल करने से हाथ खड़े कर दिए।
इसके चलते बरदहिया, मरवटिया, पांडेय बाजार, मेंहदावल रोड, अमौलीपुर आदि गांवों में बिजली नहीं रही। अगले दिन शनिवार को 11 बजे बिजली नसीब हुई। भीषण गर्मी के बीच लोग घरों में बूंद भर पानी को भी तरस गए। इसी तरह बड़ेवन उपकेंद्र और गाऊखोर उपकेंद्र क्षेत्र के मड़वानगर, डिड़ौहा, हरदिया, बसिया आदि गांवों में भी शनिवार को सुबह होते ही बिजली गुल हो गई। विभागीय जिम्मेदार जगह-जगह फाल्ट की समस्या बताकर उपभोक्ताओं को तसल्ली देते रहे। इस दौरान भीषण तपिश से लोग व्याकुल रहे।