रुधौली। छपिया शिवबरन में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्णावतार की कथा व झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा व्यास राघव ऋषि ने कहा कि प्रभु की भक्ति से शक्ति मिलती है।
उन्होंने राजा बलि की कथा सुनाई। कहा कि पूरी निष्ठा से प्रभु की भक्ति करने वाला बलि बनता है। उस पर कृपा करने के लिए भगवान स्वयं वामन के रूप में पधारते हैं। परमात्मा तीन कदम पृथ्वी अर्थात् तन, मन, धन मांगते हैं। जो बलि की भांति तन से सेवा, मन से सुमिरन व धन से सेवा करता है, भगवान उसे द्वारपाल बनते हैं और वही अक्षुण्ण साम्राज्य को प्राप्त करता है। सत्व, रज, तमस इन तीनों गुणों को भगवान को अर्पण करो। शरीर से भगवान की सेवा करने से तमोगुण, धन से रजोगुण, और मन से समर्पण व संबंध जुड़ता है।
मुख्य यजमान गीता मिश्रा एवं गोरखनाथ मिश्र, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, रविशंकर मिश्र, संतोष मिश्र, अभिषेक मिश्र, अशोक मिश्र, ओमप्रकाश मिश्र, जितेंद्र पासवान आदि ने आरती की।