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Basti News: हालात बेकाबू...लंबी होती कतार में टूट रही सिलिंडर पाने की आस

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गैस एजेंसी के बाहर लगी कतार।
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बस्ती। जिले में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था करीब डेढ़ माह बीतने के बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को बाउचर कटवाने, केवाईसी कराने और सिलिंडर प्राप्त करने के लिए दिनभर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। कामर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति भी सीमित होने से हाहाकार जैसे हालत बन गए हैं। जिलेभर में रसोई गैस सिलिंडर की स्थिति गंभीर हो गई है।
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दक्षिण दरवाजा-स्टेशन रोड स्थित, मालवीय रोड, रौतापार, जिला अस्पताल, पटेल चौक, कटरा स्थित एजेंसी समेत जिले की सभी 40 एजेंसियों पर अब भी उपभोक्ता लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं। कामर्शियल गैस की कमी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। अधिकतर कारोबारी अब घरेलू गैस सिलिंडरों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे घरेलू सिलिंडरों की किल्लत और बढ़ गई है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कई जगहों पर कालाबाजारी शुरू हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों तक एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद न तो समय पर बाउचर कट पा रहा है और न ही सिलिंडर मिल रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से व्यवस्था सुधार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। वहीं, अब विद्यालयों में बनने वाले एमडीएम पर भी रसोई गैस किल्लत की मार पड़ने वाली है। कई विद्यालयों के अध्यापक परेशान हैं कि उन्हें गैस नहीं मिल रहा है। ओरीजोत के डॉ. राकेश मणि का कहना है कि 15 दिन पहले बुकिंग कराए थे, अभी तक सिलिंडर प्राप्त नहीं हुआ है। एजेंसी पर न पर्ची कट रही है न ही होम डिलीवरी कर रहे हैं। इससे संकट है। बहादुरपुर के शुभम का कहना है कि विद्यालय में सिलिंडर खत्म हो गया है। नगर बाजार स्थिति एजेंसी पर गए तो तमाम नियम कानून बता रहे हैं, जबकि प्रशासन का स्पष्ट आदेश है कि विद्यालयों में गैस की आपूर्ति निर्बाद की जाए, बाजवूद इसके गैस नहीं मिल रहा है। इससे भोजन बनने में संकट आएगा।
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