दस दिन बीत जाने के बाद भी बैंकों और एटीएम के सामने भीड़ में कमी नहीं आ रही है। नोट किल्लत और जनता की समस्याएं यथावत हैं। कहीं कहीं सुबह लाइन में लगे लोग शाम को खाली हाथ घर पहुंच रहे हैं। व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार के प्रति गुस्सा भी दिनोंदिन बढ़ रहा है। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद लोग गाढ़ी कमाई के लिए रोज धक्के खा रहे हैं। दस दिन बीत जाने के बाद भी बैंकों में भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। जरूरतों को पूरा करने के लिए सुबह आठ बजे से ही लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। सबसे ज्यादे समस्या किसानों और आयोजन वाले घरों में है। समान खरीदने के लिए रुपये नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं आने के कारण दो से तीन घंटे में बैंक और एटीएम कैशलेस हो जा रहे हैं। चंद्रभान गुप्ता ने बताया बेटी की शादी है। जिसके लिए पर्याप्त मात्रा में रकम नहीं मिल पा रही है।जिससे काम चलाया जाए। मजबूरी में औने दाम पर दूसरे से 1000 व 500 की नोट बदलनी पड़ रही है। किसान रामनरेश, रामराज, जगराम ने बताया कि खेती किसानी का समय रुपये की आवश्यकता है। लेकिन समय से रकम नहीं होने के कारण बुआई पर असर पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया लाइन में रहने के बावजूद भी पूरा दिन बीत जाने के बाद रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। मायूस होकर शाम को घर लौट जाना पड़ रहा है। दूसरे दिन पुन: बैंक में आना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या पंजाब नैशनल बैंक लक्ष्मणपुर में हो रही है।विचैलियों से सांठ गांठ बनाने वालों को बैंक कर्मचारी तुरंत रुपये दे दे रहे हैं। पीएनबी भिरिया में महिलाओं की अधिक भीड़ हो जाने पर सहायक शाखा प्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने टोकेन बांट कर भीड़ को काबू किया। स्टेट बैंक सल्टौआ में 100 नोट मांग रहे लोगों को नही मिल पा रहा था लोगों को 2000 की नोट लेना पड़ा। लोगों ने बताया इस नोट से बाजार करना मुश्किल है रोजमर्रा की जरूरतें नहीं पूरा हो रही हैं। जो पास रहते हुऐ न के बराबर है। शाखा प्रबंधक लाल बहादुर ने बताया कि बैंक में पांच हजार का सिक्का आया जो पैकेट बना है जो मांग रहे उन्हें पूरा पैकेट दिया जाता है। सौ की नोट का ही मांग अधिक है यह न होने के कारण नहीं दिया जा रहा है।
बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक बैंकों को सामने सुबह छह बजे से लोग लाइनमें लग जा रहे हैं। पूर्वाचल बैक देईसाड़, पक्काबाजार, बानपुर, महादेवा, लालगंज, बनकटी व सिंडीकेट बैक में 2000 रुपये तक दिए जा रहे हैं।एसबीआई बनकटी में लाईन में लगे कुछ लोगों को दो .दो हजार रुपये मिले। बाद में कर्मचारियों ने कैश खत्म होने की बात कहीं। एसबीआई बनकटी क्षेत्र के एटीएम बंद रहे। खोरिया निवासी आशमाखातून ने बताया कि चार दिन से सुबह लाइन में लगी रही लेकिन शाम तक रुपये नहीं मिल रहे हैं। सुदर्शन देवी थाल्हापार ने बताया कि 21 को बेटी की शादी है तीन दिन लाइन लगाने के बाद दो हजार रुपये मिले। हरिश्चन्द देईसाड़ ने बताया कि एक दिसंबर को लड़की कि शादी है मुझे ज्यादे रुपये की जरुरत है। पूर्वांचल बैंक रिजनल ऑफिसर एसएन सिंह ने बताया कि रुपये कि समस्या अब खत्म होने वाला है। जैसे जैसे मिल रहा है हर ब्रान्चों को भेजा जा रहा है आज सभी के पास उपलब्ध हैं।