रात के सन्नाटे में गूंजती रही परिजनों की चीख
अमित श्रीवास्तव
महराजगंज(बस्ती)। छात्र नेता कबीर तिवारी की हत्या से कप्तानगंज इलाका गमगीन है। घर में परिवार की चीख सुनकर इलाके के लोग सदमे में हैं। शहर से लेकर कप्तानगंज क्षेत्र के युवाओं में गम और गुस्सा है। बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद कबीर तिवारी का शव पैतृक गांव ऐंठी लाया गया तो चीख से रात का सन्नाटा टूट गया। हर किसी की आंखों में दर्द आंसू थे।
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के ऐंठी गांव निवासी हरि प्रसाद तिवारी के बेटे भाजपा नेता कबीर तिवारी परिवार में सबसे होनहार थे। पिता खुद तीन भाई हैं। सबसे बड़े राम सुरेमन तिवारी कप्तानगंज में व्यवसायी हैं। दूसरे भाई राम प्रसाद खेती करते हैं। तीसरे भाई शिव प्रसाद तिवारी गांव के पूर्व प्रधान हैं। कबीर के पिता हरिप्रसाद तिवारी घर पर रहकर खेती-बाड़ी में हाथ बंटाते हैं। माता सुभावती देवी गृहिणी हैं। कबीर के बड़े भाई सनोज तिवारी और तुलसीदास प्राइवेट जॉब करते है। चचेरे भाई मनोज कुमार सेना से सूबेदार पद से रिटायर्ड हुए हैं। अन्य भाइयों में राम नरायन तिवारी मुरादाबाद और रुद्र नरायन तिवारी अंबेडकर नगर में फार्मासिस्ट हैं। कबीर तिवारी साकेत महाविद्यालय से स्नातक करने के बाद एपीएन पीजी कॉलेज बस्ती में प्रवेश लिए। जहां वर्ष-2017 में छात्रसंघ के अध्यक्ष भी चुने गए। बहुत ही कम समय में युवाओं से लेकर जिले के दिग्गज नेताओं तक जान-पहचान बना ली। परिवार के साथ-साथ बड़े भाई के रूप में साथ रहने वाले जिला पंचायत पूर्व सदस्य ओम प्रकाश ओझा सदमे में है। रात 8:30 बजे कबीर का शव जब गांव लाया गया तो सिर्फ रोने-चीखने की आवाज ही सुनाई दे रही थी। देररात तक जिले के आला अधिकारियों की भीड़ कबीर के घर लगी हुई थी। रात नौ बजे कबीर के शव को मेढ़ोवा घाट पर पिता हरि प्रसाद तिवारी जब े मुखाग्नि दे रहे तो सभी के आंखों से आंसू छलक गए। बृहस्पतिवार को भी शुभचिंतकों का घर पर आना-जाना लगा रहा।