बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी अब गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के कई संवेदनशील गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा मंडरा रहा है। विक्रमजोत क्षेत्र के कुछ गांवों में नदी ने कटान भी शुरू कर दी है इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार मंगलवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.40 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 33 सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते तटबंध विहीन गांव सुबिका बाबू, टेढ़वा, दो धाराओं के बीच बसे देवारागंगबरार का पुरवा और कुर्मियाना गांव के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। सुबिका गांव की सोती में लगातार पानी भर रहा है। वहीं अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक नदी का दबाव बना हुआ है।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच कई स्थानों पर कटान शुरू हो गई है। कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में समाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने-बढ़ने के दौरान किसी भी समय कटान तेज हो सकती है।
संवेदनशील गांव पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय और अर्जुनपुर में नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। यहां कृषि भूमि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए जल्द प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।