छावनी। चित्रकूट के 84 कोसी परिक्रमा समिति की तरफ से आयोजित शरदकालीन 84 कोसी परिक्रमा में रविवार को प्रथम पड़ाव स्थल रामरेखा पर साधु संतों की टोली ने विश्राम किया। चित्रकूट के महंत गोविंद दास ने बताया कि यह परिक्रमा चित्रकूट से प्रारंभ होकर अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा पूर्ण करते हुए समाप्त होती है। प्रत्येक वर्ष शीत ऋतु में यह परिक्रमा की जाती है, जिसमें सैकड़ों साधु संत शामिल होते हैं।
शनिवार को अयोध्या के रास्ते होते हुए यह परिक्रमा मखौड़ा से शुरू होने के बाद रविवार को दिन में पवित्र रामरेखा मंदिर स्थल पर पहुंची। जहां स्थानीय जनों ने साधु संतों पर पुष्प वर्षा कर उनके पांव धुलाए। रामरेखा मंदिर के महंत गया दास ने बताया कि रामरेखा पौराणिक स्थल है, यहां प्रतिवर्ष देश के कोने-कोने से साधु संतों का आना-जाना लगा रहता है। इसी क्रम में चित्रकूट 84 कोसी परिक्रमा समिति द्वारा आयोजित अयोध्या धाम 84 कोसी परिक्रमा यात्रा में शामिल साधु संत यहां विश्राम कर रहे हैं। इस परिक्रमा में लगभग 400 साधु संत शामिल हैं। 15 नवंबर से शुरू हुई यह परिक्रमा अयोध्या हनुमानगढ़ी से प्रारंभ की गई है। टोली में शामिल साधु संतों ने कहा कि सात दिसंबर को यह परिक्रमा मखौड़ा धाम में हवन यज्ञ के साथ संपन्न होगी। राष्ट्र कल्याण की भावना से यह परिक्रमा शुरू की गई है।