बस्ती। डीजल- पेट्रोल से अब काफी हद तक राहत मिलने लगी हैं लेकिन, रसोई गैस का संकट अभी बरकरार है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग रही है।
आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पूर्ति निरीक्षक, पूर्ति बाबू से लेकर डीएसओ तक भागदौड़ कर रहे हैं। एजेंसियों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान लगे हुए हैं। बावजूद इसके उपभोक्ता और एजेंसी कर्मचारियों से झड़प हो जा रही है।
तीन दिन बाद स्टेशन रोड स्थित गैस एजेंसी, सिविल लाइंस गैस एजेंसी पर सिलिंडरों से भरी गाड़ियों की आपूर्ति हुई है। एजेंसी खुलते ही यहां हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की भीड़ जुट गई। स्टेशन रोड और सिविल लाइंस में तो एजेंसी के सामने सड़क पर उपभोक्ताओं को कतारबद्ध लंबी लाइन में देखा जा रहा है। आने जाने वाले राहगीर यह दृश्य देखने के बाद हैरत में है। लोग यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि गैस के लिए मारामारी अभी खत्म नहीं हो रही है।
जानकारों का कहना है कि एजेंसियों पर रसोई गैस का जितना लोड आ रहा हैं उससे ज्यादा उपभोक्ताओं की भीड़ पहुंच रही है। एजेंसी से सिलिंडरों का टोकन बंट जा रहा है। होम डिलीवरी की नौबत ही नहीं आ रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो शनिवार को जिले भर में रसोई गैस की कुल बुकिंग 20130 बताई गई। जबकि उपलब्धता इससे कम 19252 सिलिंडर की रही। वहीं 8583 सिलिंडरों की बिक्री की गई है।
इसके अलावा तमाम ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी केवाईसी नहीं पूर्ण होने से बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। वह अपना प्रपत्र दुरुस्त कराने के लिए एजेंसियों का चक्कर काट रहे हैं।
जरूरत से ज्यादा सिलिंडरों का कर रहे स्टॉक : उपभोक्ता भी जरूरत से ज्यादा सिलिंडराें का स्टॉक कर रहे हैं। एक एजेंसी संचालक ने बताया कि तमाम ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके पास अलग-अलग नामों से तीन से चार कनेक्शन हैं। लोग सभी कनेक्शनों पर बुकिंग करके सिलिंडर स्टॉक में रखना चाह रहे हैं। इसी वजह से खपत बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि अप्रैल महीने से शादी-विवाह भी शुरू होने वाला है। इसके मद्देनजर लोग समय रहते सिलिंडर एकत्र कर डंप कर रहे हैं। क्योंकि कामर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है।