स्टेशन रोड गैस एजेंसी लगी भीड़। संवाद
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बस्ती। रसोई गैस के उपभोक्ता बुरे फंस गए हैं। त्योहारी सीजन में सिलिंडर के लिए उन्हें धक्का-मुक्की तक करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस संकट के दौर में न जनप्रतिनिधि काम आ रहे हैं और न ही जिम्मेदार अफसर पहुंच रहे हैं।
एजेंसी संचालक और कर्मचारी जैसे चाह रहे हैं वैसे उपभोक्ताओं को भ्रमित करके लौटा दे रहे हैं। सिलिंडर के लिए घरों की महिलाएं भी एजेंसी पर पहुंचकर लाइन लगाने को विवश हो रही है। आपूर्ति विभाग के दावे के अनुसार जिले में सिलिंडरों की भरपूर आपूर्ति हो रही है। रोजाना 10 से 12 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति है।
बावजूद इसके एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ कम नहीं हो रही है। सुबह नौ बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन सभी एजेंसियों पर लग रही है। एजेंसी कार्यालयों पर बुकिंग के बाद सिलिंडर भेजने का आश्वासन दिया जा रहा हैं लेकिन, आम लोगों के घर तक यह नहीं पहुंच रहा है। मुरलीजोत के संजय ने बताया स्टेशन रोड स्थित एक एजेंसी से उनका कनेक्शन हैं। बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी उनके घर सिलिंडर नहीं पहुंचा है। तेलियाजोत के रहने वाले विनोद दुबे ने बताया कि उनके गांव के बगल में एक गैस एजेंसी का गोदाम है। संबंधित एजेंसी से बुकिंग के बाद उनके मोबाइल नंबर पर डिलीवरी का मैसेज दो दिन पहले आया है। मगर सिलिंडर नहीं पहुंचा। किसी कार्यवश वह बस्ती से बाहर है। घर पर परिवार सिलिंडर की वजह से परेशान है।
उपभोक्ता पवन कुमार ने कहा कि जब घर-घर रसोई गैस का संकट छाया हुआ तब जनता की सेवा का दंभ भरने वाले जनप्रतिनिधि, नेता और अधिकारी सभी गायब है। लाइन लगाने के दौरान कोई भी जिम्मेदार अफसर या जनप्रतिनिधि हम लोगों का हाल जानने तक नहीं पहुंच रहा है। उपभोक्ताओं की बात एजेंसी पर सुनी नहीं जा रही है। हम लोगों के तरफ से बोलने वाला कोई नहीं है।
शनिवार को नवरात्रि और ईद के दिन भी गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखी गई। स्टेशन रोड, मालवीय रोड, पटेल चौक, सिविल लाइंस, मड़वानगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनियों की ओर से की जा रही रसोई गैस के आपूर्ति के वितरण पर सही ढंग से निगरानी होने लगे तो समस्या काफी हद सुलझ जाएगी। मगर यहां मनमाने ढंग से वितरण करके उपभोक्ताओं के साथ छल किया जा रहा है।