फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लूट के आरोपित पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
लूट के आरोपित पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू
विज्ञापन

बस्ती। वर्दी पहनकर लूटपाट में लिप्त पाए गए चारों पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि पुलिस इसमें हड़बड़ी करने के मूड में नहीं दिखती।
अधिकारियों का कहना है कि पुख्ता साक्ष्य और विभागीय प्रक्रिया को पूरी करके बर्खास्त किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रकरण की दो स्तरीय जांच कराई जा रही है। उसके तहत चारों के खिलाफ सारे साक्ष्य और बयान संकलित किए जा रहे हैं। आईजी एके राय ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों को बर्खास्त किया जाएगा।
विज्ञापन

असल में पुलिस कर्मियों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने त्वरित बर्खास्तगी से बचने की सलाह दी है। इसके लिए पहले विभागीय जांच करने का प्राविधान है, जिसमें आरोपित पुलिस कर्मी का पक्ष भी शामिल किया जाना होता है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि एएसपी रवींद्र कुमार सिंह को विभागीय जांच सौंपी गई है। इसके साथ सीओ रुधौली शक्ति सिंह से चारों के ड्यूटी पर होने या न होने के बारे में अलग से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। उसमें यह तय होगा कि इनको किन परिस्थितियों में बिना अवकाश के ड्यूटी से नदारद रहने के बावजूद किसी पर्यवेक्षण अधिकारी या उच्चाधिकारी ने अपने सीनियर को रिपोर्ट नहीं किया।
पुरानी बस्ती थाने के एक और निलंबित सिपाही आशीष भार्गव को भी गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर गोरखपुर के शाहपुर में व्यापारी से हुई लूट में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई की गई है। बृहस्पतिवार को उसे साऊंघाट ब्लॉक के कोरोना वैक्सीन कोल्डचेन ड्यूटी से नदारद रहने के कारण निलंबित किया गया था। मगर उसी रात गोरखपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

दूसरी ओर इस वारदात के बाद मौखिक अनुमति पर छुट्टी देने और ड्यूटी प्वाइंट से नदारद रहने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सुधर जाने की नसीहत दी गई है। आईजी एके राय ने बताया कि तीनों जिले के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि इसका सख्ती से अनुपालन कराएं। सीओ को इसके लिए जवाबदेह बनाया जाए। थाने के प्रत्येक कर्मचारी की थानेदार की जवाबदेही होगी। इसमें कोई भी ढील अक्षम्य होगी। आईजी ने बताया कि आफ ड्यूटी भी कर्मचारी क्या कर रहा है, उसके सीनियर को पता होना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें