संवाद न्यूज एजेंसी कप्तानगंज (बस्ती)। नकली लिक्विड यूरिया बनाने वाली फैक्टरी का संचालक दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस या जांच टीम के हत्थे नहीं चढ़ सका।ऐसे में छापे में पकड़ी गई अवैध फैक्टरी के मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। फरार फैक्टरी संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के बीच माथापच्ची दिनभर होती रही। मगर, देर शाम तक किसी नतीजे पर टीम नहीं पहुंच पाई। कप्तानगंज क्षेत्र के गढ़हा गौतम गांव में हाईवे के किनारे एक किराये के मकान में संचालित नकली लिक्विड यूरिया बनाने की फैक्टरी 15 जनवरी की रात में पकड़ ली गई। 16 जनवरी को दिन भर अधिकारियों की टीम ने जांच-पड़ताल की। नकली लिक्विड यूरिया, इसे बनाने के यंत्र और उपकरण और भंडारण के लिए मौजूद अलग-अलग टंकियां आदि बरामद की गईं।
जांच टीम को सामग्री बरामदगी और फैक्टरी को सील करने की कार्रवाई में शाम हो गई। इसकी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित करने और आगे की कार्रवाई अगले दिन शुक्रवार तक टाली गई। कार्रवाई रिपोर्ट के साथ जांच टीम में शामिल अधिकारी डीएम के संपर्क में रहे। फैक्टरी संचालक का भी कोई पता नहीं लग सका। उसके न पकड़े जाने से तमाम राज दबे रह गए हैं।
नकली लिक्विड यूरिया बनाने में प्रयुक्त अनुदानित यूरिया की बोरियां कहां से उपलब्ध होती रहीं, इसकी आपूर्ति कहां-कहां की गई है, इसका पता नहीं चल पा रहा है।
आशंका जताई जा रही है कि पूर्व में फैक्टरी चालक द्वारा आपूर्ति किए गए नकली लिक्विड यूरिया की खेप पकड़े जाने से पहले ही खपा दी जाएगी। मामले में मकान मालिक अरुण कुमार ने छापे के ही दिन पुलिस को तहरीर देकर पल्ला झाड़ लिया है।
उनका कहना है कि हर्रैया थाना के नथउपुर गांव के रहने वाले अरविंद कुमार तिवारी ने आरओ प्लांट और यूरिया केमिकल बनाने की बात कहकर 23 नवंबर 2024 को उनके मकान का बेसमेंट किराये पर लिया था। इसके अलावा उन्हें कोई जानकारी नहीं है।