बस्ती। राजकीय वाहनों के पंजीयन चिन्ह जैसे जी/एजी/बीजी श्रृंखला को लेकर परिवहन विभाग ने नया आदेश जारी किया है। कहा गया है कि राजकीय वाहनों की नीलामी या हस्तांतरण के बाद उनके सरकारी नम्बर स्वतः निरस्त हो जाएंगे। ऐसे वाहनों को निजी स्वामित्व में आने के बाद तत्काल सामान्य निजी सीरीज का नया पंजीयन चिन्ह दिया जाएगा।
आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी वाहन, जब सार्वजनिक नीलामी के जरिए निजी व्यक्ति के पास जाता है, तो उस पर अंकित राजकीय नम्बर हस्तांतरण की तिथि से ही अमान्य माना जाएगा। सम्बन्धित आरटीओ को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह उसी समय नए निजी पंजीयन नम्बर आवंटित करें। सिर्फ नए ही नहीं, बल्कि पहले से नीलामी में खरीदे गए और निजी स्वामित्व में चल रहे सरकारी वाहनों पर भी यह नियम लागू होगा। जिनके पंजीयन प्रमाणपत्र की वैधता अभी शेष है, उन्हें भी 60 दिन के भीतर नया नम्बर लेना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर वाहन स्वामी आवेदन नहीं करते हैं, तो उनके पंजीयन चिन्ह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-53 के तहत निलंबित कर दिए जाएंगे।
वाहन स्वामियों को सख्त निर्देश
संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने जिले के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि जो लोग नीलामी में राजकीय वाहन खरीद चुके हैं, वे तत्काल आरटीओ कार्यालय पहुंचकर निजी श्रेणी का पंजीयन चिन्ह प्राप्त करें। यह कार्रवाई अनिवार्य है, अन्यथा वाहन का उपयोग गैरकानूनी माना जाएगा। परिवहन विभाग का यह कदम सरकारी वाहनों की पारदर्शिता और गलत इस्तेमाल रोकने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आदेश जारी होने के बाद बस्ती समेत प्रदेशभर के वाहन स्वामी अब अलर्ट हो गए हैं।