बस्ती। रोडवेज डिपो में चालकों की कमी है। बसों को रूट वार सड़कों पर दौड़ाने में कठिनाई आ रही है। कुल 129 बसों के सापेक्ष 198 चालकों की जरूरत है। वर्तमान में 163 चालक ही कार्यरत हैं। ऐसे में 37 चालकों की कमी डिपो को अखर रही है और विभाग यह संख्या पूरी करने में नाकाम साबित हुआ है।
मानक के मुताबिक, एक बस पर औसतन दो चालक की आवश्यकता होती है। तभी बसों का नियमित संचलन सुचारू रूप से संभव है। कारण यह है कि दिन-रात सेवा देने वाले चालकों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाती है। इससे आधी संख्या बसों का संचालन करती है तो कुछ विश्राम कर लेते हैं। मानदेय कम होने के कारण संविदा चालक की नौकरी के प्रति लोगों में रुचि कम रहती है। नियुक्ति के बाद भी लोग दो-चार महीने की नौकरी के बाद डिपो से तौबा कर लेते हैं। कुछ चालक ऐसे भी हैं कि दिन भर की ड्यूटी पूरी करने के बाद शाम को बस लेकर बांसी, महुली, बढ़नी आदि रूटों पर जाने के बाद रात्रि विश्राम करते हैं। सुबह फिर वह लौट पाते हैं।