दो दिन बैंकों में बंदी और एटीएम ड्राई होने के बाद सोमवार को हर कोई बैंक तथा एटीएम की ओर दौड़ा। बैंक खुलने के दो से तीन घंटे पहले ही लोग लाइन में खड़े हो गए। 10 बजे बैंक खुले तो कैश नहीं होने की सूचना पर भड़क गए। लोगों ने कलवारी, बस्ती और रामनगर में सड़क जामकर नारेबाजी की।
बड़े नोटों के बंदी के 20 दिन बीतने के बाद भी शहर और ग्रामीण इलाके के बैंकों में व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी है। शहर के एचडीएफसी, भारतीय स्टेट बैंक और कुछ हद तक पंजाब नेशनल बैंक में ही कैश उपलब्ध कराया गया। जबकि कुछ एक एटीएम को छोड़ अन्य सभी एटीएम सोमवार को भी बंद रहे। कटरा स्थित एसबीआई के एटीएम का भी यही हाल रहा।
एपीएन पीजी कॉलेज के पास स्थित सेंट्रल बैंक का एटीएम, आईसीआईसीआई का कंपनीबाग, गांधीनगर, कटरा स्थित एटीएम भी बंद रहे। एक्सिस बैंक, आंध्रा बैंक, न्याय मार्ग स्थित यूनियन बैंक, अरबन कोआपरेटिव बैंक के एटीएम भी कैशलेस रहा।
भानपुर प्रतिनिधि के मुताबिक पीएनबी रामनगर से चार दिन खाली हाथ लौट रहे लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट गया। कैश न होने से सोमवार को पीएनबी रामनगर की शाखा सुबह 11 बजे तक खुली ही नहीं। न ही कोई इस बात की जानकारी ही देने वाला ही बैंक पर मौजूद था कि कैश नही है। जबकि शुक्रवार को आक्रोशित भीड़ को शांत करने के लिए शाखा प्रबंधक ने ही सोमवार को बैंक आने के लिए कहा था। बैंक मैनेजर पर भरोसा कर लोग सुबह से ही लाइन में लग गए थे।
11 बजे तक बैंक नहीं खुला तो खाताधारकों ने हंगामा और प्रदर्शन करते हुए बैंक के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम एससी शर्मा लोगों से सड़क से हटने की अपील करते रहे पर सफलता नहीं मिली। बाद में बैंक के जिम्मेदारों से बात की तो पता चला की कैश नहीं होने के नाते बैंक नहीं खोला गया है। शाखा प्रबंधक छुट्टी पर हैं और बाकी कर्मचारी डर के कारण बैंक नहीं खोल रहे हैं। जाम की सूचना पर सीओ रूधौली पवन गौतम, थानाध्यक्ष वाल्टरगंज राम अशीष यादव, एसआई संजय शाही, श्रीधन यादव, मान सिंह पहुंचे और सहयोग करने की अपील की तब जाकर सहायक प्रबंधक दिलीप कुमार ने एक बजे बैंक खोलकर लोगों के रुपये जमा करने का कार्य शुरू किया।
वहीं गनेशपुर में एक हफ्ते से कैश नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान है। बैंक में कई बार भुगतान न मिलने कारण ग्रामीणों और बैंक कर्मियों के बीच वाद विवाद भी हो चुका है। बैंक कर्मियों का कहना है कि जब से बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगा, तब से केवल सात लाख रुपये ही बैंक मिला है। ऐसे में ग्राहकों को भुगतान नहीं कर मिल रहा है। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक पीएनबी मे पूरे दिन इंतजार करने के बाद कैस नहीं आया तो खाता धारक घर लौटने के लिए मजबूर हो गए। जगराम, गिरजेश कुमार, बुद्धिराम, साहबदीन, शिवपूजन, आजम आदि ने कहा घर में दाल रोटी पर भी संकट खड़ा होने के कगार पर है। रंगीला ने बताया पति मेरे अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है पैसे की सख्त आवश्यकता है।
कलवारी प्रतिनिधि के मुताबिक लोग सुबह सात बजे से ही पीएनबी के सामने लाइन में लग गए। बैंक खुलने के समय पता चला कि रकम हैं ही नहीं। इससे भड़के खाताधारकों ने पौने 11 बजे बैंक के सामने कलवारी बस्ती मार्ग को जाम कर दिया। एसआई भोलानाथ उपाध्याय ने लोगों को समझा बुझा कर आधे घटें बाद मार्ग सुचारू करवाया। बैंक कर्मचारियों के गेट बंद करने से लोग फिर भड़क गए। दोबारा सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद लोगों को रोड से हटा सकी।
पाकरडाड़ निवासी फूलचन्द्र ने बताया कि हमारी बहन की सगाई है व सिंगही निवासी फूलमती ने बताया कि शुक्रवार को बेटी कि विदाई पर बैंक से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बेनीपुर के राम ललित का कहना है कि एक हफ्ते से लाइन लगा रहा हूं। जब तक नंबर आता तब तक नो कैश का बोर्ड टंग जाता है। ऐसे में रकम के लिए फिर अगले दिन की आस लिए घर लौट जाने के आलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचता।