बस्ती। गांधीनगर को अतिक्रमण मुक्त रखने की मुहिम हर बार फेल हो जा रही है। बुलडोजर चले या लाल निशान लगे एक से दो दिन के बाद यहां फुटपाथ और सड़क दोनों अतिक्रमण की जद में आ जाता है। इस बार भी वहीं हुआ।
अभी एक सप्ताह पहले नगर पालिका ने गांधीनगर मार्ग पर दोनों तरफ की पटरियों पर लाल निशान लगाया था। चेतावनी दी गई कि इस निशान के भीतर कोई दुकान नहीं लगेगी। मगर इसका पालन दो दिन भी नहीं हो सका। फास्ट फूड, चाट, फल, सब्जी, कपड़ा, चप्पल आदि की दुकानें फिर पहले की तरह फुटपाथ पर सजने लगी हैं।
इसके बाद सड़क के किनारे और बीचोबीच गाड़ियां खड़ी हो रही हैं। 12 मीटर सड़क सिकुड़कर आधे से भी कम हो गई है। टाउन क्लब से लेकर इंदिरानगर मोड़ तक वाहनों की लंबी कतार लग रही है। दो पहिया वाहन चालक गलियों के रास्ते इधर से उधर हो रहे हैं।
मुख्य मार्ग गांधीनगर में जब जाम लग रहा है तो इससे जुड़े संपर्क मार्ग त्रिपाठी गली, बाटा गली, राम प्रसाद गली, लाडली मंजिल गली, दरिया खां गली में दो पहिया और ई-रिक्शा वाहनों का आवागमन बढ़ जा रहा है। मुख्य बाजार में पैदल चलना कठिन हो गया है। हनुमानगढ़ी से पुलिस बूथ तक तो लोग दुकानों के सामने नाला पर रखे ढक्कन पर पैदल चलने को मजबूर हो रहे हैं।
वहीं सहालग की खरीदारी बढ़ने से बाजार में भीड़ बढ़ गई है। कारोबार का सुनहरा अवसर मानकर विभिन्न सामग्रियों की दुकानें फुटपाथ तक सज रही हैं। खरीदारी करने आने वाले लोग सड़क पर ही गाड़ी पार्क कर रहे हैं। डेढ़ किमी लंबा बाजार क्षेत्र ग्राहक, गाड़ी और दुकानों से भरा हुआ है। महरीखांवा की स्कूटी सवार पिंकी बताती हैं कि मम्मी के साथ वह अस्पताल से घर लौट रही हैं। गांधीनगर में एसबीआई बैंक के पास जाम में आकर फंस गईं। महज पांच सौ मीटर की दूरी पार करने में उन्हें 20 मिनट लग गए। वहीं राजकुमार ने बताया कि यहां रोजाना एक जैसे हालात हैं। गांधीनगर में प्रशासन की हर कोशिश जाम से मुक्ति दिलाने में फेल है। हम लोग गलियों के रास्ते गांधीनगर क्षेत्र से निकलकर मालवीय मार्ग जाते हैं।
यहां भी लगता है जाम : शहर के रोडवेज, अस्पताल चौराहा, मंगल बाजार, सुर्तीहट्टा, करूआ बाबा पर भी अतिक्रमण के चलते रोजाना जाम लग रहा है। रोडवेज और अस्पताल चौराहा पर पुलिस को आवागमन बहाल रखने के लिए दिन भर हांफते हुए देखा जाता है। यहां सड़क की पटरियों पर दुकानें सजती हैं। आवागमन का दबाव बढ़ते ही अतिक्रमण जाम का कारण बन जाता है। वाहन सवार लोग अतिक्रमण के चलते सड़क से दाहिने बाएं होने की भी जगह नहीं पाते हैं।