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बहुचर्चित दरोगा प्रकरण : शासन स्तर पर जांच रिपोर्ट का परीक्षण शुरू

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बहुचर्चित दरोगा प्रकरण : शासन स्तर पर जांच रिपोर्ट का परीक्षण शुरू
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बस्ती। बहुचर्चित दरोगा के प्रकरण की जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय टीम ने शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट का शासन स्तर पर परीक्षण शुरू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि अभी इसकी समीक्षा के बाद किसी अन्य एजेंसी से भी जांच कराई जा सकती है।
इस मामले में गांव के लोगों और संबंधित पक्ष के मिलाकर 40 लोगों के बयान में कुछ भ्रामक तथ्य सामने आए हैं। हालांकि इस बारे में अधिकारी कुछ बताने से इन्कार कर रहे हैं। एडीजी अखिल कुमार के मुताबिक, रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है।
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आशिक मिजाज दारोगा दीपक सिंह पर लगे गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर शासन स्तर से एडीजी की अगुवाई में कमिश्नर अनिल कुमार सागर, आईजी रेंज अनिल कुमार राय, डीएम सौम्या अग्रवाल, एसपी संतकबीरनगर डॉ. कौस्तुभ की उच्च स्तरीय टीम गठित की गई थी। इस मामले में 40 लोगों का बयान और पहले के दर्ज मुकदमों के संबंध में छानबीन की गई। 20 मार्च से अब तक प्रकरण में एसपी, एएसपी को हटाने के साथ ही सीओ सिटी तथा कोतवाल को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही पूर्व कोतवाल, महिला थाने की पूर्व प्रभारी, कानूनगो, लेखपाल समेत चौदह कर्मियों पर केस दर्ज किया गया था। आरोपित दरोगा दीपक सिंह को जेल भेजा जा चुका है।
24 मार्च को एडीजी जोन, गोरखपुर अखिल कुमार दोबारा जिला मुख्यालय पहुंचे थे और जांच टीम की प्रगति की जानकारी ली। चकरोड की पैमाइश को लेकर जून 2020 में शुरू हुए प्रकरण में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपनी रिपोर्ट जांच में शामिल की है। इसके साथ ही जांच टीम ने पीड़ित पक्ष के साथ ही आरोपी कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कर पूरी रिपोर्ट तैयार की है। तत्कालीन एएसपी स्तर से हुई जांच में लापरवाही बरतने के आरोपों की भी उच्च स्तरीय टीम ने जांच की है। आईजी अनिल कुमार राय ने बताया कि जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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प्रकरण की जांच शुरू होने के साथ ही कोतवाली में दर्ज हुए मुकदमे के साथ ही प्रकरण से संबंधित सभी मुकदमों की विवेचना संतकबीरनगर जिले में ट्रांसफर करने का फरमान जारी किया जा चुका है। आला अधिकारियों के अनुसार, इनमें जिन मुकदमों में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है, उनकी भी फिर से जांच होगी। यह देखा जाएगा कि चार्जशीट में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई है। इसके साथ ही जिन प्रकरणों की विवेचना चल रही थी, उनकी जांच भी संतकबीरनगर जिले से कराई जाएगी।
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