बस्ती। ठंड का सीजन इस बार देर शुरू होने की वजह से गर्म कपड़ों का बाजार फिलहाल ठंडा है। ठेले वालों से लेकर शोरूम-मॉल वालों को उम्मीद थी कि दिसंबर के पहले हफ्ते में ठंड जोर पकड़ लेगी, मगर ठंड जोर नहीं पकड़ पा रही है। सिर्फ सुबह-शाम ही ठंड पड़ रही है। दिन के समय चटक धूप निकलने से मौसम सामान्य है। मौसम में उतार-चढ़ाव से गर्म कपड़े का बाजार को ठंडा कर दिया है।
शहर के कपड़े की दुकानों पर सन्नाटा होने के कारण दुकानदार निराश नजर आ रहे हैं। व्यापारी इसकी वजह विलंब से ठंड कर पड़ना बता रहे हैं। यही कारण है कि हाल के दिनों में कड़ाके की सर्दी पड़ने के बावजूद गर्म कपड़ों का बाजार उम्मीद के अनुसार गर्म नहीं हो पाया। अब व्यापारियों को पूंजी फंसने की चिंता सताने लगी है।
शहर के प्रमुख बाजार कंपनी बाग, गांधीनगर, पांडेय बाजार में नवंबर से ही कपड़े की दुकानें सजीं हैं। इसके अलावा सड़क के किनारे कंबल की दुकान सज रहीं हैं। एक माह तक चले सहालग के चलते कपड़ा बाजार में तेजी आई थी। सहालग समाप्त होने पर व्यापारियों को उम्मीद थी कि ठंड बढ़ने से बाजार गर्म रहेगा, मगर गर्म कपड़ों की बिक्री उस तरह से नहीं हुई, जैसे आमतौर पर ठंड में होती रही है।
गर्म कपड़ों के विक्रेता दीपावली के बाद से ही ऊनी कपड़ों का स्टाक मंगवा लेते हैं। नवंबर के मध्य से दुकानों में ऊनी कपड़े सजने लगते हैं। इस साल आधा दिसंबर बीतने के बाद भी गर्म कपड़ों की अधिक मांग न होने पर दुकानदारों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। व्यापारी अनिल मोहन ने बताया कि सर्दी न पड़ने की वजह से बाजार एक दम ठंडा पड़ा है।