बस्ती। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कौंसिल का 100वां जिला सम्मेलन रविवार को प्रेस क्लब सभागार में हुआ। बिजली निगम के निजीकरण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। इसको रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई गई। राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राय ने कहा कि बिजली निगम को निजी क्षेत्र में देने का सरकार का निर्णय पूरी तरह से जन विरोधी है। उन्होंने किसानों, नौजवानों का आवाहन किया कि निजीकरण का खुलकर विरोध करें। कहा कि निजीकरण का लाभ गरीबों को नहीं मिल पाता। निजीकरण के जरिए सरकार किसानों, नौजवानों और गरीबों का हक छीन लेना चाहती हैं।
कामरेड आरके वर्मा ने लाल झंडा फहराकर सम्मेलन की शुरुआत की। अध्यक्षता कामरेड रूस्तम खान, मेहलीलाल चौधरी और आरके वर्मा ने की। का. अशर्फी लाल को चौथी बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का जिला सचिव बनाया गया। इसी कड़ी में 11 सदस्यों की जिला कौंसिल बनाई गई। का. राम दयाल और चंद्रभान को जिला उपमंत्री बनाया गया है। का. अशर्फी लाल ने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश की नीतियां सरकारें नहीं, पूंजीपति तय कर रहे हैं। निजीकरण और संविदा की नौकरियां लोगों का हक छीन रही हैं। बिजली निगम का निजीकरण रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
भाकपा के 100 वां जिला सम्मेलन में माकपा के कामरेड केके तिवारी और सीपीआई के कामरेड रघुनाथ ने पूंजीवाद के शोषण से जनता को बचाने के उपाय ढूंढ़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाकपा और वामपंथी संगठनों के लोग मौजूद रहे।