बस्ती। ई-रिक्शा की तरह ऑटो संचालन व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद को एक बार फिर झटका लगता दिख रहा है। रूट सिस्टम लागू करने के लिए किए जा रहे पंजीकरण से बेरुखी दिखाई। 20 जून से शुरू की गई प्रक्रिया में एक भी ऑटो वालों का पंजीकरण नहीं हो पाया।
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग चौराहे-चौराहे उन्हें प्रेरित कर रहा है कि शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में सहयोग करें, लेकिन ऑटो वाले कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
देखने वाली बात यह होगी कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग सख्ती कर पाता है या पहले की तरह ऑटो यूनियन और श्रमिक संगठन के दबाव के आगे झुक जाएगा।
शहर में पिछले दिनों ई-रिक्शा के लिए रूट तय किया। उसे चलाने वाले और उसके मालिक का सत्यापन कराया गया, जिसके बाद काफी हद तक उनकी धमा-चौकड़ी पर लगाम लगी। उसी तर्ज पर यातायात पुलिस ऑटो के लिए भी रूट तय करके उन्हें व्यवस्थित करने की पहल कर रहा है। योजना है कि ऑटो वालों का सत्यापन करके उनका अलग-अलग रूट तय कर दिया जाए। सभी रूट के लिए ऑटो पर स्टीकर चस्पा किए जाएं। इसके पहले चरण में 20 जून से 20 जुलाई के बीच सत्यापन कराया जा रहा है।
सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि यातायात टीम सभी का सत्यापन करके उन्हें व्यवस्थित करेगी।