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Basti News: माझा में धधक रही भट्ठी... स्प्रिट से बना रहे अवैध अंग्रेजी- देसी शराब

Thu, 14 Dec 2023 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। अवैध शराब का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। माझा क्षेत्र के सरयू दियारा में कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं। वहीं मिलावट वाली अंग्रेजी व देसी शराब बनाने का अवैध धंधा भी जोर पकड़ने लगा है। ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर मिलावटी शराब की आपूर्ति की जा रही है। आबकारी विभाग भी कार्रवाई कभी-कभी करता है। इस पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी पुलिस पर थोप दी गई है।
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दुबौलिया, परशुरामपुर, छावनी थाना क्षेत्रों के एक दर्जन गांवों में कच्ची शराब की भटि्ठयां धधक रही है। ज्यादातर माझा के सरयू के दियारा में धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। यहां खुलेआम 100 रुपये लीटर की दर से कच्ची शराब बेची जा रही है। जबकि आसपास के कई ठिकानों पर पहुंचाया भी जा रहा है। आबकारी विभाग की टीम इलाके के कुछ स्थानों पर ही साल में एक से दो बार ही छापा मारती है। विभाग की इस लापरवाही से धंधेबाजों का हौसला बढ़ गया है। इसके बदले में विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी हर महीने मोटी रकम वसूलते हैं। इस मामले में पुलिस भी कम नहीं है। धंधेबाजों ने पुलिस का भ महीना बांध रखा है। वहीं, इस क्षेत्र में अंग्रेजी और देशी शराब भी अवैध रुप से बन रही है। इसे ग्रामीण इलाकों के अलावा बिहार तक खपाया जा रहा है।
हाईवे के ढाबों पर रुकते हैं स्प्रिट व अल्कोहल के टैंकर
डिस्टलरी से निकलने वाले स्प्रिट और अल्कोहल से भरे टैंकर हाईवे पर हर्रैया और छावनी क्षेत्र के कुछ ढाबों पर रात में रुकते हैं। यहां गैलन में इसकी चोरी की जाती है। बाद अवैध शराब बनाने वाले धंधेबाजों के ठिकानों पर पहुंचाया जाता है। विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पा रही है। लगभग आधा दर्जन स्थानों पर टैंकर से स्प्रिट एवं अल्कोहल निकालकर कारोबारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
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ऐसे बनती है मिलावटी शराब
जानकारों की मानें तो सौ प्रतिशत अल्कोहल में पानी मिलाकर पैरामीटर से उसकी डिग्री नाप ली जाती है। रंगीन शराब बनाने के लिए एक विशेष किस्म का रंग भी घोला जाता है। इसके बाद यह बिल्कुल रंगीन शराब बनकर तैयार हो जाती है। जिसे बाद में अंग्रेजी शराब की बोतलों में भरकर मशीन से सील पैक कर दिया जाता है। इसी तरह देशी शराब पाउच में पैक होता है। पैकिंग के बाद यह शराब बिल्कुल ब्रांड की ही लगती है। जिसकी खेप ग्रामीण अंचल के दुकानों पर पहुंचाई जा रही है।
आबकारी टीम ने नहीं की छापेमारी
नवंबर माह में शासन के सख्त रूख के कारण छावनी और मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कुछ जगहों पर आबकारी टीम ने छापेमारी की थी। इसमें सफलता भी हाथ लगी थी। इसके बाद कार्रवाई ठप हो गई। विभागीय लापरवाही के कारण अवैध धंधेबाजों का हौसला बढ़ा ही रह गया।
अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभाग तत्पर है। विभागीय टीम सभी संभावित स्थानों पर नजर रखे हुए हैं। विभागीय अधिकारियों का नंबर तक सार्वजनिक किया गया है। ताकि आम आदमी भी अवैध शराब की जानकारी दे।
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-राजेश कुमार त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी।
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