फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: चार साल से लटकी फाइल...69 गांवों के लोगों को शहरी होने का इंतजार

Tue, 31 Mar 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
- शहरी क्षेत्र में की नहीं मिल रही सुविधाएं, प्रथम श्रेणी का छिन गया तमगा, बजट में भी कटौती
विज्ञापन



बस्ती। नगर पालिका का सीमा विस्तार न होना न सिर्फ प्रथम श्रेणी का तमगा गया, बल्कि बजट में भी कटौती की जा रही है। करीब चार साल से 69 गांवों के शहर में शामिल होने की फाइल शासन में लटकी हुई है। लिहाजा गांव के लोग शहर के आसपास होते हुए भी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
शहर का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विनियमित क्षेत्र विकास प्राधिकरण में तब्दील हो गया, लेकिन 73 वर्ष पुरानी नगर पालिका का सीमा विस्तार नहीं हुआ। बीडीए मानचित्र के अनुसार, शहर का वर्तमान क्षेत्रफल 51.5 वर्ग किलोमीटर में फैल चुका है। 25 वार्ड वाले इस निकाय की सीमा महज 19.4 वर्ग किलोमीटर में ही सिमट कर रह गई है।
विज्ञापन

बताते हैं कि, 10 वर्ष पहले नए सिरे से परिसीमन हुआ है। आसपास के 69 गांवों को नगर पालिका परिषद में शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन शासन स्तर से स्वीकृति दिलाने में जन प्रतिनिधियों ने रुचि नहीं ली। ऐसे में शहर में रहते हुए भी करीब एक लाख लोग शहरी नहीं बन पाए। चार साल से शासन में भी फाइल लटकी हुई है। इससे इंतजार भी बढ़ता जा रहा है।
वर्ष 1952 की गठित जिले की इकलौती और सबसे पुरानी नगर पालिका विकास की दौड़ में पीछे छूट गई है। शहरी क्षेत्र का भौगोलिक दायरा तेजी से बढ़कर तीन गुना हो गया। नगर पालिका को अभी भी अपने विस्तार का इंतजार है। वर्ष 2012 से 2017 के पंचवर्षीय कार्यकाल में इस निकाय के विस्तार की कवायद छिड़ी, लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया। दोबारा वर्ष 2020 में इसके विस्तारीकरण की पहल हुई। नए सिरे से परिसीमन कराया गया। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों के अलावा आसपास के कुल 69 गांव इसमें शामिल किए गए।
विस्तारीकरण के लिए अंतिम रूप से पत्रावली तैयार कर शासन को वर्ष 2021 में प्रेषित की गई। इसके बाद उम्मीद जगी कि प्रदेश के अन्य नगर पालिका की तरह बस्ती में भी सीमा विस्तार की मंजूरी मिल सकती है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के रुचि न होने के कारण नगर पालिका सीमा विस्तार की फाइल शासन स्तर पर अटक गई, जबकि अभी हाल ही कुछ अन्य जिलों की नगर पालिका के सीमा विस्तार पर कैबिनेट की मोहर लगी है। सूत्रों की मानें तो उच्च स्तर पर जिले के कुछ नेताओं ने सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई। ऐसे में शासन में फाइल पड़ी हुई है।

नए परिसीमन में चौतरफा शामिल हुए थे गांव
नगर पालिका के नए परिसीमन में शहर के चारों तरफ के गांव शामिल किए गए थे। उत्तर दिशा में मनौरी, चैनपुरवा, पूरब दिशा में पचौरा बायपोखर, पश्चिम में गनेशपुर नगर पंचायत के सीमा प्रारंभ तक और दक्षिण में रानीपुर तथा सोनूपार तक के 69 गांव चयनित हुए थे। यदि नए परिसीमन के अनुसार सीमा क्षेत्र में वृद्धि हुई होती तो यह निकाय नगर निगम के रूप में 10 किलोमीटर की परिधि में विस्तार ले लेता, लेकिन यह संभव नहीं हो सका।

तस्वीर बदलने के साथ शहर से सटे ये गांव
शहर का विस्तार नगर पालिका क्षेत्र से कहीं आगे हो चुका है। सेंटबेसिल स्कूल, खीरीघाट भटोलवा, मड़वानगर, संतपुर गदहाखोर, मिश्रौलिया, डिड़ौहा, बरगदवा, हरदिया, हवेलिया खास, बड़ार, मूड़घाट, भूअर निरंजनपुर, बेलगड़ी, मुंडेरवा, विशुनपुरवा, चननी, जिगिना, गिदही, सोनबरसा, जामडीह, लबनापार, नाऊडाड़ बड़ेरिया, अमौली, महुड़र, मरवटिया, बरवा, लखनऊरा आदि गांव शहरी क्षेत्र के अहम हिस्से बन गए हैं। इन गांवों में कंकरीट की नई काॅलोनियों बन रही हैं। बावजूद इसके पालिका की सीमा में ये शामिल नहीं हो सके। इससे यहां जलनिकासी संकट, रोड और अन्य समस्याएं बनी हुई हैं।


विकास परियोजनाओं से भी बढ़ा शहर का दायरा
शहर के बाहर महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी होने से भी शहरी क्षेत्र का दायरा बढ़ गया है। मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर रामपुर रेवली में महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 2020 में हुई। यहां से तीन किलोमीटर पहले ओपेक चिकित्सालय कैली की स्थापना ढाई दशक पहले हो चुकी है। इसके अलावा छबिलहा खोर में राजकीय पॉलिटेक्निक, संभागीय परिवहन कार्यालय, कांशीराम आवास की स्थापना एक दशक पहले हो चुकी है। यह क्षेत्र सोनूपार तक शहर से सट गया है।


सीमा क्षेत्र में विस्तार से नगर पालिका की बढ़ेगी आमदनी
नगर पालिका के सीमा क्षेत्र का विस्तार होने के बाद आमदनी में नौ गुना की वृद्धि होने का अनुमान है। नए परिसीमन के मुताबिक जिन 69 गांवों को शामिल किया गया है। उनसे जलकर, गृहकर के रूप में सालाना 10 करोड़ रुपये के आय होने की उम्मीद है। वर्तमान नगर पालिका की यह आय एक करोड़ रुपये सालाना है। सीमा विस्तार होने से पालिका परिषद को फिर से प्रथम श्रेणी का तमगा भी मिल जाएगा। चूंकि, आबादी कम होने और क्षेत्रफल कम होने के चलते श्रेणी में कटौती कर ली गई थी।

सीमा विस्तार में नगर पालिका पीछे, बीडीए आगे
बीडीए प्रभावी हुए अभी पांच साल भी नहीं हुए कि सीमा विस्तार में यह नगर पालिका से कहीं आगे निकल गया। शुरू में नगर पालिका समेत आसपास के 69 गांवों के लिए महायोजना 2021 तैयार की गई थी। वहीं, महायोजना 2031 के नए मास्टर प्लान में सीमा क्षेत्र बढ़ाकर 217 गांव शामिल कर लिए गए हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 151 वर्ग किलोमीटर है।



सीमा विस्तार जल्द हो, इसके लिए प्रयास जारी है। कई बार इसके लिए शासन स्तर पर पहल भी की गई है। नगर पालिका बहुत पुरानी हो चुकी है, इसे विस्तार रूप लेना चाहिए। इससे विकास के नए आयाम खुलेंगे। - नेहा वर्मा, चेयरमेन, नगर पालिका, बस्ती
विज्ञापन


सीमा विस्तार के लिए कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। प्रक्रिया जारी है। निर्णय वहीं से होना है। जो बजट आ रहा है, उसी के अनुसार कार्य कराया जा रहा है। - अंगद गुप्ता, ईओ नगर पालिका, बस्ती
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें